बरेली : यूपी के बरेली शहर के बारादरी थाना क्षेत्र के जोगी नवादा में उस समय एक बेहद भावुक कर देने वाला नज़ारा देखने को मिला, जब सावन के अंतिम सोमवार में जल चढ़ाने को जल लेने निकले कांवरियों पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने पुष्पवर्षा की। उन्हें ढोल-नगाड़ों के साथ रवाना किया गया। हिंदू-मुस्लिम एकता की यह झलक उस तहज़ीब का हिस्सा है, जिसे हम गंगा-जमुनी संस्कृति कहते हैं।
कांवरियों की कतार, जयकारे… और भाईचारे की बारिश!
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कांवरियों के जय शिव शंकर के जयकारों के बीच मुस्लिम समाज के युवाओं और बुज़ुर्गों ने कांवरियों को फूल बरसाकर और ढोल बजाकर सम्मान दिया। पूरा जोगी नवादा इस भाईचारे के दृश्य से मंत्रमुग्ध हो गया।।स्थानीय निवासियों ने क्या कहा “यह तो हर साल की परंपरा बन गई है। धर्म कोई दीवार नहीं, हम सब एक हैं।”एक श्रद्धालु ने कहा “ऐसा स्वागत देख रोंगटे खड़े हो गए। सच्चा भारत यही है।”
जोगी नवादा से देश को मिला एक खूबसूरत संदेश
इस यात्रा में केवल गंगाजल ही नहीं लाया जाएगा, बल्कि,एक सांप्रदायिक सौहार्द का संदेश भी पूरे प्रदेश और देश को दिया जाएगा। यह बताता है कि “जब धर्म, आस्था और इंसानियत एक साथ खड़े हों, तब नफरत की कोई जगह नहीं बचती।”
सावन और समरसता का बरेली बना उदाहरण
जहां देश के कई हिस्सों में धर्म को लेकर तनाव की खबरें आती हैं, तो वहीं बरेली से एक उम्मीद की तस्वीर आई है। यहां आस्था और अपनापन साथ-साथ चलते हैं।
