बरेली : कभी-कभी सफ़र सिर्फ़ देशों के बीच नहीं, दिलों के बीच भी तय हो जाता है। ऐसी ही एक खूबसूरत कहानी सामने आई है बरेली से। यहां के सचिन और फिलिपींस की झे मेरी की दोस्ती अब जीवनभर के रिश्ते में बदलने जा रही है। विदेशी क्रूज पर ड्यूटी के दौरान शुरू हुई यह मुलाकात प्यार में बदली और अब दोनों ने स्पेशल मैरिज एक्ट के तहत शादी के लिए एसडीएम सदर कोर्ट में आवेदन कर दिया है।
विदेशी क्रूज पर शुरू हुई प्रेम कहानी
शहर की एक निजी कॉलोनी निवासी सचिन ने बेंगलुरु से होटल मैनेजमेंट की पढ़ाई पूरी करने के बाद एक अंतरराष्ट्रीय क्रूज कंपनी में नौकरी शुरू की। अमेरिका से यूरोप तक चलने वाले इसी क्रूज पर अप्रैल 2023 में उनकी मुलाकात फिलिपींस की झे मेरी सालाजार लोज़ानो से हुई। झे मेरी क्रूज पर एडमिनिस्ट्रेटर के पद पर कार्यरत हैं। काम के दौरान बातचीत शुरू हुई, जो धीरे-धीरे दोस्ती और फिर गहरे रिश्ते में बदल गई।
दो संस्कृतियों का सम्मानजनक मिलन
सचिन का परिवार मूल रूप से बहेड़ी क्षेत्र के गांव पचपेड़ा का रहने वाला है। उनके पिता पूर्ण लाल इंडियन नेवी से सेवानिवृत्त हैं, जबकि माता गंगा देवी गृहिणी हैं। परिवार ने इस रिश्ते को खुले दिल से स्वीकार किया है और इसे दो संस्कृतियों का सुंदर और सम्मानजनक संगम बताया है। परिजनों का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद धूमधाम से रिसेप्शन आयोजित किया जाएगा।
पराठों से लेकर परंपराओं तक, भारत से बढ़ा लगाव
झे मेरी को भारतीय संस्कृति बेहद पसंद आई है। बरेली आने के दौरान उन्होंने पराठों और भारतीय मिठाइयों का खूब आनंद लिया। इसके अलावा उन्होंने नानकमत्ता और आगरा जैसे प्रमुख धार्मिक व पर्यटन स्थलों की भी सैर की। झे मेरी इन दिनों हिंदी सीख रही हैं, ताकि परिवार और आसपास के लोगों से बेहतर संवाद कर सकें। पिछले साल उनके बरेली आगमन पर दोनों परिवारों के बीच अच्छी बॉन्डिंग भी देखने को मिली थी।
कानूनी प्रक्रिया जारी
विवाह को लेकर अधिवक्ता निशीथ मिश्रा के माध्यम से एसडीएम सदर कोर्ट में आवेदन किया गया है। कोर्ट ने झे मेरी के नागरिकता और पहचान सत्यापन के लिए एंबेसी को पत्र भेजा है, जबकि सचिन के पासपोर्ट का सत्यापन मुंबई से कराया जा रहा है। सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद दोनों शादी के बंधन में बंधेंगे।
प्यार की कहानी बनी चर्चा का विषय
सरहदों के पार पनपी यह प्रेम कहानी इन दिनों बरेली में चर्चा का विषय बनी हुई है। लोग इसे वैश्विक सोच, आपसी सम्मान और भरोसे की मिसाल के तौर पर देख रहे हैं।
