बरेली : शहर के मोहल्ला ज़खीरा घेर शेख़ मिठ्ठू में हर साल की तरह इस बार भी जश्ने शाह शराफ़त मियां का शानदार आयोजन हुआ। कार्यक्रम का आयोजन हज़रत शाह सकलैन एकेडमी ऑफ इंडिया (यूनिट ज़खीरा मलूकपुर) की ओर से किया गया, और इसकी सरपरस्ती खानकाह सकलैनिया शराफ़तिया के सज्जादानशीन शाह मोहम्मद गाज़ी मियां ने की। इस दौरान उल्मा ने पैग़ाम दिया कि “आज समाज में बुराइयां, बेहयाई और फहशगोयी आम हो गई हैं। क़ौम में जिहालत बढ़ती जा रही है। इसकी वजह तालीम और दीन से दूरी है। अगर, हमने अपने बुज़ुर्गों की तालीम और पैग़ाम को न अपनाया तो हमें दुनिया और आखिरत दोनों जगह रुसवाई का सामना करना पड़ेगा।”
नात व मनक़बत से गूँजा प्रोग्राम
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https://youtu.be/qQIFzpKY3sU?si=ewMTfU_WVzEwW4bR
नात और मनक़बत के कलाम पेश किए गए, जिन्हें सुनकर अकीदतमंदों ने नारों की सदाएँ बुलंद कीं। बड़ी संख्या में लोगों ने शिरकत की। कार्यक्रम की निज़ामत (संचालन) मुख्तार सकलैनी तिलहरी ने की।
लंगर-ए-आम में उमड़ा हुजूम
मगरिब की नमाज़ के बाद शाह मोहम्मद गाज़ी मियां की आमद पर अकीदतमंदों ने फूलों से स्वागत किया। फातिहा-ख़्वानी के बाद बड़े पैमाने पर लंगर-ए-आम हुआ। जिसमें हजारों लोगों ने शिरकत की। इस मौके पर हाफ़िज़ ग़ुलाम ग़ौस, मौलाना हाफ़िज़ नफीस अहमद, मौलाना अनवार सकलैनी, मौलाना रूम्मान क़ादरी, हाफ़िज़ जाने आलम, हाफ़िज़ आफाक सकलैनी, हाफ़िज़ कारी आमिल सकलैनी, ज़िया राशिद सकलैनी, हाजी इंतजार हुसैन, हाजी लतीफ़ सकलैनी समेत कई उल्मा व समाजसेवी मौजूद रहे।
कल कांकर टोला में जश्ने शाह शराफत
कार्यक्रम का आयोजन और प्रबंधन सरदार सकलैनी, सदाक़त सकलैनी, शौकीन सकलैनी, तनवीर सकलैनी, इफ्तिखार सकलैनी, वजाहत सकलैनी, हसन सकलैनी की देखरेख में हुआ। दरगाह के मीडिया प्रभारी हमजा सकलैनी ने बताया कि 31 अगस्त यानी 7 रबीउल को मोहल्ला कांकर टोला, भटियारी वाली मस्जिद के पास जश्ने शाह शराफ़त मियां और लंगर-ए-आम आयोजित होगा।
