बरेली: यूपी के बरेली शहर में “आई लव मोहम्मद” पर आईएमसी प्रमुख मौलाना तौकीर रजा खां, और मौलाना शहाबुद्दीन रजवी की राय जुदा- जुदा है। आईएमसी प्रमुख ने 26 सितंबर को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान किया है, और देश के हालात पर नाराज़गी जताई। उन्होंने कहा कि भारत अघोषित तौर पर हिंदू राष्ट्र बन चुका है, तो वहीं, ऑल इंडिया मुस्लिम जमात के अध्यक्ष मौलाना शहाबुद्दीन रजवी बरेलवी ने मोहब्बत के नाम पर अमन और कानून का पालन करने की अपील की है।
जानें क्या बोले तौकीर रजा
मीडिया से बातचीत में मौलाना तौकीर ने कहा था कि मुसलमानों पर लगातार झूठे मुकदमे दर्ज किए जा रहे हैं। शिकायत करने पर भी उल्टा हमारे ही युवाओं पर केस होते हैं। नवरात्र में मीट पर पाबंदी इस बात का उदाहरण है कि माहौल हिंदू राष्ट्र जैसा बना दिया गया है। बोले – डॉ. नफीस के विवादित बयान पर कहा कि भाषा गलत थी, लेकिन मंशा युवाओं को शांत करना थी। चेतावनी दी कि अगर मुस्लिम नौजवान उलमा से निराश होकर गलत रास्ता अपनाते हैं तो नुकसान पूरे देश को भुगतना पड़ेगा। साफ कहा “हमें कत्ल कर दीजिए, लेकिन हमारे धर्म में दखल मत दीजिए।” 26 सितंबर को शांतिपूर्ण प्रदर्शन का ऐलान किया है।
शहाबुद्दीन रजवी की सलाह
मौलाना रजवी ने कहा कि पैगंबर -ए-इस्लाम से मोहब्बत हमारा ईमान है, लेकिन इसका इज़हार सड़कों पर हंगामा करके या दुकानों में तोड़फोड़ करके नहीं किया जा सकता। अच्छा मुसलमान वही है जिसका हाथ और ज़बान किसी को तकलीफ न पहुँचे। पैगंबर का संदेश अमन और मोहब्बत का है। पांच वक्त की नमाज़ और पैगंबर की सीरत पर अमल करना ही असली इबादत है, न कि बैनर और होर्डिंग्स लगाना। दोनों मौलानाओं का मकसद एक है, लेकिन राय जुदा जुदा है। मुस्लिम समाज के नौजवान कानून अपने हाथ में न लें। शहर का माहौल सुरक्षित और शांत बना रहे। अब सबकी नज़र 26 सितंबर को होने वाले प्रदर्शन पर टिकी है, जिसे लेकर पुलिस-प्रशासन भी अलर्ट हो गया है।
