पहाड़ी दुर्घटना में इंतकाल, परिवार में शोक की लहर
बरेली : यूपी के बरेली जिले के देवरनिया थाना क्षेत्र के गांव रहपुरा गनीमत निवासी, मोहम्मद सफ़वान (22 वर्ष), जो जॉर्जिया में एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहे थे, एक दुखद सड़क हादसे में अपनी जान गंवा बैठे। यह हादसा 23 नवंबर 2025 को हुआ, जब सफ़वान अपने दोस्तों के साथ यूनिवर्सिटी से बाहर एक पहाड़ी इलाके में घूमने गए थे। अचानक उनका पैर फिसला और वह गहरी खाई में गिर गए, जिससे उनकी मौत हो गई। सफ़वान की असमय मौत ने उनके परिवार, दोस्तों और सहपाठियों को गहरे सदमे में डाल दिया है। जॉर्जिया में अपने बेटे की मृत्यु की खबर सुनकर सफ़वान के परिवार में कोहराम मच गया। परिवार को यह दुखद सूचना सफ़वान के दोस्तों ने दी।
परिवार ने खो दिया अपना सहारा
सफ़वान के माता-पिता, इरफान अहमद (सेवानिवृत्त दरोगा), और उनकी पत्नी, जो लगभग 50 वर्ष की हैं। इस अप्रत्याशित घटना से गहरे शोक में डूबे हुए हैं। इरफान अहमद ने कहा, “हमने सफ़वान को डॉक्टर बनाने का सपना देखा था। वह हमारा सहारा था, अब वह हमारे बीच नहीं है। यह हमारे लिए अपूरणीय क्षति है।सफ़वान के परिवार में चार बच्चे हैं, जिनमें से दो बड़ी बहनें पहले ही शादी कर चुकी हैं। सफ़वान परिवार का तीसरा बच्चा था और उनका मुख्य सहारा भी था। उनके निधन ने पूरे परिवार को भारी दुख दिया है। सफ़वान का छोटा भाई मुआज़, जो खुद भी जॉर्जिया में पढ़ाई कर रहा था, कुछ दिन पहले भारत में छुट्टी पर आया था। वह इस दुखद घटना से पूरी तरह टूट चुका है। मुआज़ ने कहा, “मेरे भाई के बिना मेरी दुनिया सुनसान हो गई है। वह सिर्फ मेरा भाई नहीं था, बल्कि मेरा दोस्त और सबसे बड़ा सहारा भी था।”
एमबीबीएस फाइनल की चल रही थी पढ़ाई
सफ़वान ने 2021 में अपनी एमबीबीएस की पढ़ाई यूक्रेन में शुरू की थी, लेकिन रूस-यूक्रेन युद्ध के कारण उन्हें अपनी पढ़ाई जॉर्जिया में जारी रखनी पड़ी। सफ़वान अब एमबीबीएस के अंतिम वर्ष में थे और भारत लौटने की योजना बना रहे थे। वह जॉर्जिया के सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ़ यूरोप में पढ़ाई कर रहे थे,और चिकित्सा क्षेत्र में एक सफल करियर बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे थे। उनकी असमय मौत ने न केवल उनके परिवार, बल्कि उनके सहपाठियों और मित्रों को भी गहरे शोक में डाल दिया है।
भारतीय सरकार से शव की वापसी की अपील
सफ़वान के परिवार ने भारतीय सरकार से अपील की है कि वह सफ़वान का शव जल्द से जल्द भारत वापस लाने में मदद करे, ताकि वे उसे सम्मानपूर्वक अंतिम विदाई दे सकें। इस दुखद घटना से जुड़े सभी प्रक्रियाओं में परिवार को जल्द से जल्द मदद मिलने की उम्मीद है। परिवार के करीबी सूत्रों के अनुसार, उन्हें उम्मीद है कि सरकार की मदद से उनके बेटे का शव जल्दी भारत लौट आएगा, ताकि वे उसे अंतिम संस्कार के लिए घर ला सकें।
सफ़वान की यादों में गम और प्यार
सफ़वान की मृत्यु से उनके दोस्त और सहपाठी भी गहरे शोक में हैं। उनके सहपाठी उन्हें एक समर्पित छात्र, दोस्त और सहायक के रूप में याद करते हैं। उनके दोस्तों ने कहा, “सफ़वान हमेशा हमारे साथ था, किसी भी परेशानी में हमें मदद करने के लिए। उसकी कमी हम हमेशा महसूस करेंगे।”उनकी अचानक मौत ने न सिर्फ उनके परिवार को, बल्कि उनकी पूरी यूनिवर्सिटी को भी प्रभावित किया है। सफ़वान के साथी छात्रों ने सोशल मीडिया पर अपनी भावनाएं व्यक्त की हैं, और उनकी याद में श्रद्धांजलि अर्पित की है।
