फार्मर रजिस्ट्री न होने पर भी होगी खरीद, जरूरत वाले क्षेत्रों में नए सेंटर खोलने की तैयारी, लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
बरेली : यूपी के बरेली में किसानों की समस्याओं को लेकर प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आ रहा है। डीएम अविनाश सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में किसान संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ अहम बैठक कर साफ कर दिया कि किसी भी हालत में किसान को गेहूं क्रय केंद्र से वापस नहीं भेजा जाएगा। बैठक में डीएम ने कहा कि किसानों की समस्याओं का समाधान सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसी उद्देश्य से नियमित रूप से ऐसे संवाद आयोजित किए जाएंगे।उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जहां-जहां क्रय केंद्रों की जरूरत है। वहां तत्काल स्थान चिन्हित कर नए केंद्र खोले जाएं।
120 क्रय केंद्र संचालित, जरूरत पर और बढ़ेंगे
जिला विपणन अधिकारी ने बताया कि शासन द्वारा 101 केंद्रों का लक्ष्य दिया गया था, लेकिन जनपद में 107 स्थायी और 13 मोबाइल केंद्रों सहित कुल 120 गेहूं क्रय केंद्र संचालित किए जा रहे हैं। इसके बावजूद किसानों ने फरीदपुर,भुता, मीरगंज और आंवला जैसे क्षेत्रों में केंद्रों की कमी की शिकायत की।इस पर डीएम ने गंभीरता दिखाते हुए तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
“रजिस्ट्री नहीं, तो भी खरीद होगी”
डीएम अविनाश सिंह ने स्पष्ट कहा कि फार्मर रजिस्ट्री न होने पर भी किसान को वापस न भेजा जाए। केंद्र पर ही उसका पंजीकरण कर खरीद सुनिश्चित की जाए। खसरा और फार्मर आईडी होने पर तुरंत गेहूं खरीदा जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी स्तर पर लापरवाही या बिचौलियों की भूमिका बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश
प्रभारी क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक मनिकंदन ए. ने भी सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि कोई भी किसान बिना खरीद के वापस नहीं जाना चाहिए। यदि 300 कुंतल की सीमा पूरी हो जाए, तो अगले दिन तौल की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। लापरवाही मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी, तो वहीं, डिप्टी आरएमओ ने निर्देश दिए कि यदि किसी केंद्र पर बोरे खत्म हों, तो पास के केंद्र से तुरंत व्यवस्था कर खरीद जारी रखी जाए।
भुगतान, मुआवजा और गन्ना किसानों के मुद्दे भी उठे
बैठक में किसानों ने ओलावृष्टि और आगजनी से नुकसान पर मुआवजा और गन्ना भुगतान में देरी का मुद्दा उठाया। इसके साथ ही शुगर मिलों की समस्याएं, जैसे मुद्दे उठाए। प्रशासन ने बताया कि मीरगंज और बहेड़ी क्षेत्र का भुगतान दो सप्ताह में पूरा होगा। नवाबगंज शुगर मिल की नीलामी हो चुकी है। केसर शुगर मिल की जमीन कुर्क कर 29 अप्रैल को नीलामी तय की गई है। इसके अलावा निराश्रित गौवंश और खाद की कालाबाजारी पर भी फोकस की बात कही। डीएम ने किसानों से अपील की कि यदि कहीं खाद की ओवररेटिंग या जबरन बिक्री हो रही है, तो तुरंत शिकायत करें।इसके अलावा निराश्रित गौवंश संरक्षण सहभागिता योजना में भुगतान न मिलने जैसे मुद्दों पर भी अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
