Bareilly: No Julus-e-Gausia This Year, Announcement by Sajjadanashin Mufti Ahsan Mian
बरेली: यूपी के बरेली में 26 सितंबर को बवाल के बाद पुलिस अलर्ट है। जुमा नमाज को लेकर बड़ी संख्या में पुलिस फोर्स लगाया गया है। शहर की 1360 मस्जिदों के बाहर कड़ी सुरक्षा है। मगर,जुमा नमाज से पहले दरगाह आला हजरत के सज्जादानशीन बदरुशरिया मुफ्ती अहसन मियां ने बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने कहा कि शहर के मौजूदा हालात को देखते हुए सभी मुसलमानों से अपील की कि जुमे की नमाज़ अदा करने के बाद सीधे घर जाएं और अफवाहों पर ध्यान न दें। इससे पहले नबीरे आला हजरत मौलाना तौसिफ रजा खां, जमात रज़ा -ए- मुस्तफा के सलमान मियां और मौलाना शहाबुद्दीन रजवी ने भी अमन के साथ जुमा की नमाज अदा कर घरों को लौटने की बात कही थी।
बरेली के अमन को टाला जुलूस -ए-गौसिया
गौस-ए-पाक हज़रत शेख अब्दुल क़ादिर बगदादी रहमतुल्लाह अलैह की याद में हर साल मनाई जाने वाली ग्यारहवीं शरीफ़ का जश्न इस बार अलग अंदाज़ में मनाया जाएगा। दरगाह आला हज़रत के सज्जादानशीन और जुलूस -ए- गौसिया के बानी, बदरुशरिया मुफ्ती अहसन मियां ने ऐलान किया कि इस साल जुलूस-ए-गौसिया नहीं निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि शहर के मौजूदा हालात को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, ताकि अमन-ओ-शांति हर हाल में कायम रहे। दरगाह के नासिर कुरैशी ने प्रेस रिलीज भेजकर यह जानकारी दी है।
अहम बैठक के बाद बड़ा फैसला
इस सिलसिले में अंजुमन गौस -ओ-रज़ा (टीटीएस) के सदर हाजी शरिक नूरी और सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां की एक अहम बैठक हुई। बैठक में यह निर्णय लिया गया कि 4 अक्टूबर (शनिवार) को सैलानी रज़ा चौक से जुलूस -ए-गौसिया नहीं निकलेगा। हालांकि, यह फैसला सिर्फ इस साल के लिए है। अगले साल जुलूस-ए-गौसिया अपनी पूरी शान-ओ-शौकत के साथ निकाला जाएगा। अब 04 अक्टूबर को दोपहर 2 बजे सैलानी रज़ा चौक पर संक्षिप्त कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। सज्जादानशीन मुफ्ती अहसन मियां की सदारत में उलेमा-ए-कराम तक़रीर करेंगे। फातिहा व खुसूसी दुआ के बाद लंगर तक्सीम किया जाएगा।
घरों में फातिहा और लंगर का करें एहतिमाम
सज्जादानशीन ने अपील की कि सभी लोग अपने-अपने घरों में फातिहा और लंगर का एहतिमाम करें। इस मौके पर अंजुमन गौस-ओ-रज़ा (टीटीएस) के नायब सदर परवेज़ नूरी, सचिव अजमल नूरी, नासिर कुरैशी, शाहिद खान नूरी, औरंगज़ेब नूरी, ताहिर अल्वी, मंजूर रज़ा, मुजाहिद बेग समेत कई जिम्मेदार मौजूद रहे।
