बरेली : शहर में ट्रैफिक नियम तोड़कर बेपरवाह रफ्तार में वाहन चलाने वालों की अब खैर नहीं है। आरटीओ (परिवहन विभाग) ने इस साल एक जनवरी से 30 नवंबर तक ताबड़तोड़ कार्रवाई कर 153 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित कर दिए। इनमें 72 लाइसेंस उत्तर प्रदेश में जबकि 81 लाइसेंस अन्य राज्यों में सस्पेंड किए गए। विभाग ने साफ चेतावनी दी है कि “ट्रैफिक नियम तोड़ोगे, तो लाइसेंस जाएगा… और बिना किसी छूट के जाएगा!”
लापरवाही पर RTO की बड़ी कार्रवाई,ओवरस्पीड, स्टंटबाजी और नशे में ड्राइविंग पर जीरो टॉलरेंस

आरटीओ पंकज सिंह ने मीडिया को बताया कि हाल के महीनों में सड़क हादसों,तेज रफ्तार,गलत ओवरटेकिंग और नशे में ड्राइविंग की शिकायतें लगातार बढ़ रही थीं। इसी को देखते हुए विभाग ने सड़क सुरक्षा अधिनियम के तहत कड़ी कार्रवाई शुरू की है। उन्होंने कहा“लापरवाह ड्राइविंग किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सड़क पर खतरा बनने वाले हर ड्राइवर के खिलाफ कार्रवाई तय है।”
सबसे अधिक सितम्बर में लाइसेंस सस्पेंड
आरटीओ कार्यालय द्वारा जारी आंकड़े चौंकाने वाले हैं। इसमें जनवरी में 7, फरवरी में 13, मार्च में 10, अप्रैल में 5, मई में 4, जून में 11, जुलाई में 23, अगस्त में 5, सितंबर में 50, अक्टूबर में 18 और नवंबर में 7 लाइसेंस सस्पेंड किए गए हैं। सबसे ज्यादा कार्रवाई सितंबर में हुई, जिसमें अकेले अन्य राज्यों में 40 लाइसेंस निलंबित किए गए। यह दिखाता है कि गलत और जोखिम भरी ड्राइविंग सिर्फ शहर में नहीं, बल्कि प्रदेश के बाहर भी गंभीर चुनौती बनी हुई है।
अब और बड़ी सख्ती-लाइसेंस सिर्फ सस्पेंड नहीं, रद्द भी होंगे
आरटीओ ने स्पष्ट कहा कि अभियान अब और तेज गति से चलेगा। जरूरत पड़ने पर लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द भी किए जाएंगे। इसका मुख्य फोकस ओवरस्पीड, स्टंटबाजी, नशे में ड्राइविंग, गलत ओवरटेकिंग, सार्वजनिक सड़कों पर मनमानी विभाग ने जनता से अपील की है “ट्रैफिक नियम आपके लिए हैं, किसी का जीवन बचाने के लिए हैं। एक गलती किसी का भविष्य बर्बाद कर सकती है।”
