बरेली : रबड़ फैक्ट्री (S&C) के प्रभावित कर्मचारियों का संकट गहराता ही जा रहा है। दीपावली के त्योहार में जहां शहर जगमगा रहा था,तो वहीं फैक्ट्री के सैकड़ों मजदूरों के घरों में अंधेरा पसरा रहा। यह बात मजदूरों ने बरेली लोकसभा सीट से भाजपा सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार को बताई। बोले – दीपावली नहीं मनाई गई है। वह एक बार फिर सांसद छत्रपाल सिंह गंगवार के निवास कार्यालय पर बड़ी संख्या में अपनी पीड़ा बताने, और मांगों को रखने पहुंचे थे। एस एण्ड सी कर्मचारी यूनियन के महामंत्री अशोक कुमार मिश्रा के नेतृत्व में मजदूरों ने कहा कि 13 अक्टूबर को सांसद के हस्तक्षेप पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में हुई बैठक में समाधान का आश्वासन दिया गया था, लेकिन प्रशासनिक स्तर पर अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।
निराशा के बीच दो मजदूरों की मौत
यूनियन महामंत्री अशोक मिश्रा ने सांसद को बताया कि आशा और राहत की प्रतीक्षा में रहते-रहते धनश्याम और मदनलाल नामक दो मजदूरों की हाल ही में मौत हो गई।
मिश्रा का कहना है कि“आर्थिक तंगी, दवाइयों की कमी और मानसिक तनाव में मजदूर टूट रहे हैं। अब तक 500 से अधिक मजदूर समय से पहले मौत का शिकार हो चुके हैं।”
2007-08 से भुगतान रुका, मजदूर भुखमरी में
फैक्ट्री की 6.37 हैक्टेयर जमीन नेशनल हाईवे निर्माण के लिए अधिग्रहित की जा चुकी है। इसका मुआवजा SLO और जिलाधिकारी के संयुक्त खाते में 2007-08 से जमा है, लेकिन यह मजदूरों तक नहीं पहुँचा।
यूनियन की यह मुख्य मांगे
उन्होंने कहा कि मजदूरों के बकाया वैधानिक भुगतान तत्काल जारी हों।जब तक अंतिम निर्णय नहीं होता, मजदूरों को अंतरिम राहत इसी जमा मुआवजे की राशि से दी जाए। “भविष्य में अंतिम भुगतान से अंतरिम राहत की राशि समायोजित कर लें। मजदूरों की बात सुनने के बाद सांसद छत्रपाल गंगवार ने मौके पर ही जिलाधिकारी बरेली से फोन पर बात की। जिलाधिकारी ने जवाब दिया “प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है, निर्णय ऊपर से होना है।”इसके बाद यूनियन ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सांसद को सौंपा। सांसद ने अपना लेटर भी संलग्न कर ज्ञापन को मुख्यमंत्री को मेल और स्पीड पोस्ट करने का निर्देश दिया।
यह कर्मचारी थे मौजूद
इस दौरान अजय भटनागर, आर.सी. शर्मा, अनिल क्रिस्टोफर, प्रदीप कुमार, एस.सी. निगम, वी.के. सक्सेना, एस.पी. सक्सेना, प्रमोद कुमार, सुबोध कुमार, ओम कुमार, सीमा जौहरी, शोभा सक्सेना, कल्पना कश्यप सहित सैकड़ों कर्मचारी उपस्थित रहे।
