बरेली : भारत सरकार एवं राज्य सरकार के निर्देशों के क्रम में जनगणना -2027 के सफल क्रियान्वयन और संचालन को लेकर सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जिला जनगणना समन्वय समिति की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता डीएम अविनाश सिंह ने की। बैठक में जनगणना से जुड़ी प्रारम्भिक तैयारियों, प्रशिक्षण, कार्ययोजना और समयबद्ध क्रियान्वयन पर विस्तार से चर्चा की गई।
1871 से शुरू हुई जनगणना, आज़ादी के बाद 8वीं होगी जनगणना
बैठक में सीनियर इन्वेस्टीगेटर जनगणना विभाग (नोडल अधिकारी, बरेली) राकेश सिंह ने जनगणना के ऐतिहासिक और प्रशासनिक पक्षों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनगणना के अंतर्गत किसी निश्चित क्षेत्र में निवास करने वाले लोगों की सामाजिक एवं आर्थिक स्थिति का आकलन किया जाता है। भारत में जनगणना की शुरुआत वर्ष 1871 से हुई थी और स्वतंत्रता के बाद यह 8वीं जनगणना होगी, जो जनगणना अधिनियम- 1948 एवं जनगणना नियम-1990 के अंतर्गत संपन्न कराई जाएगी।
30 जून 2026 तक पूरे होंगे प्रारम्भिक कार्य
बैठक में बताया गया कि जनगणना-2027 से जुड़े सभी प्रारम्भिक कार्य, प्रशिक्षण मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO), जिला जनगणना हस्तपुस्तिका (DCHB), जनसंख्या गणना (PB), वित्त एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र (UC), आंकड़ों का प्रकाशन एवं सारणीकरण को 30 जून 2026 तक निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाएगा।
पेपरलेस होगी जनगणना, 700- 800 प्रगणक होंगे तैनात
बैठक में यह भी अवगत कराया गया कि जनगणना पूरी तरह पेपरलेस होगी। इसके लिए जिले में लगभग 700 से 800 प्रगणकों की तैनाती की जाएगी। प्रत्येक 6 प्रगणकों पर एक सुपरवाइजर नियुक्त किया जाएगा। जनगणना के दौरान प्रत्येक परिवार से 34 प्रश्नों की सूची भरवाई जाएगी। साथ ही पोर्टल के माध्यम से स्व-गणना (Self Enumeration) की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।
लखनऊ में मास्टर ट्रेनर, जिले में होगा प्रशिक्षण
बताया गया कि मास्टर ट्रेनर्स का प्रशिक्षण लखनऊ में कराया जाएगा, जबकि प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों का प्रशिक्षण जनपद स्तर पर संपन्न होगा। जनगणना पदाधिकारियों की नियुक्ति पहले ही की जा चुकी है और जनगणना की औपचारिक शुरुआत से पहले मकानों की गणना की जाएगी।
प्रशासनिक अधिकारियों की रही मौजूदगी
बैठक में नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य, अपर जिलाधिकारी (वि०/रा०) संतोष कुमार सिंह, सीनियर इन्वेस्टीगेटर राकेश सिंह, तहसीलदार, ईओ नगर निकाय सहित जनगणना से जुड़े संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। डीएम अविनाश सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनगणना-2027 के सभी कार्य समयबद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित तरीके से संपन्न कराए जाएं, ताकि जिले की जनसंख्या और सामाजिक-आर्थिक आंकड़ों का सही और विश्वसनीय आकलन हो सके।
