शाहजहांपुर : होली का पर्व नजदीक आते ही शाहजहांपुर में पुलिस और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। देशभर में मशहूर लाट साहब के जुलूस को लेकर इस बार सुरक्षा और शांति व्यवस्था पर खास फोकस किया जा रहा है। जुलूस के निर्धारित रूट पर पड़ने वाले धार्मिक स्थलों को तिरपाल से ढकने का काम शुरू कर दिया गया है, ताकि किसी भी तरह की अप्रिय स्थिति से बचा जा सके।
प्रशासन ने जुलूस मार्ग पर मौजूद बिजली के ट्रांसफॉर्मरों को भी कवर कराने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही खंभों पर पन्नी बांधी जा रही है और संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। यह सभी इंतजाम होली के दौरान निकलने वाले बड़े और छोटे लाट साहब के जुलूस को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए किए जा रहे हैं।
इसी कड़ी में शनिवार रात एडीजी रमित शर्मा ने चौक कोतवाली में पीस कमेटी की बैठक की। बैठक में जुलूस आयोजकों, धर्मगुरुओं और व्यापारियों के साथ संवाद कर शांति व्यवस्था को लेकर सुझाव मांगे गए। इसके बाद एडीजी ने अधिकारियों के साथ बड़े लाट साहब के जुलूस के रूट का पैदल भ्रमण कर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया।
प्रशासन की ओर से दी गई जानकारी के मुताबिक, बड़े लाट साहब के जुलूस के लिए चौक कोतवाली क्षेत्र में 112 और सदर थाना क्षेत्र में 71 धार्मिक स्थलों को ढकने की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा धार्मिक स्थलों के सामने बैरिकेडिंग भी की जाएगी। वहीं, आरसी मिशन क्षेत्र से निकलने वाले छोटे लाट साहब के जुलूस में 58 धार्मिक स्थलों को कवर किया जाएगा। अन्य छोटे जुलूसों के लिए भी करीब 30 धार्मिक स्थलों को चिह्नित किया गया है।
पिछले वर्ष की तुलना में इस बार कुछ नई गलियों में भी बैरिकेडिंग कराई जा रही है। प्रशासन का मानना है कि इससे भीड़ के दबाव को नियंत्रित करने और किसी भी तरह की अराजकता को रोकने में मदद मिलेगी। इस बीच लाट साहब के जुलूस में डीजे शामिल करने का प्रस्ताव भी सामने आया है। आयोजकों का कहना है कि यदि लाट साहब की भैंसागाड़ी के पीछे डीजे लगाया जाता है और उस पर होली के गीत बजते हैं, तो हुड़दंग करने वाले लोग उसी में व्यस्त रहेंगे और अव्यवस्था में कमी आएगी। हालांकि, इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय प्रशासन को लेना है।
बड़े लाट साहब जुलूस के आयोजक संजय वर्मा ने बताया कि जुलूस पुरानी परंपरा और व्यवस्था के अनुसार ही निकाला जाएगा। उन्होंने कहा कि डीजे को शामिल करने का सुझाव एसपी राजेश द्विवेदी के समक्ष रखा गया है, लेकिन अभी इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। लाट साहब बनने को लेकर भी चर्चाएं तेज हैं। आयोजकों के अनुसार, रामपुर के एक युवक ने संपर्क साधा है, जो पिछले साल भी लाट साहब बना था। इसके अलावा एक अन्य युवक भी सामने आया है। आयोजकों का कहना है कि जो भी उपयुक्त होगा, उसे परंपरा के अनुसार मौका दिया जाएगा।
आपको बता दें कि शाहजहांपुर का लाट साहब जुलूस पूरे देश में अपनी अनोखी परंपरा के लिए जाना जाता है। होली के दिन एक व्यक्ति को लाट साहब बनाकर भैंसागाड़ी पर बैठाया जाता है और जुलूस के दौरान उस पर जूते-चप्पल बरसाए जाते हैं। इसी वजह से इस जुलूस को लेकर सुरक्षा व्यवस्था हमेशा एक बड़ी चुनौती रहती है।
सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा के लिए एडीजी रमित शर्मा और आईजी अजय कुमार साहनी ने डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह और एसपी राजेश द्विवेदी की मौजूदगी में पुलिस लाइन में भी बैठक की। बैठक में संवेदनशील और अतिसंवेदनशील स्थानों की समीक्षा, पिछले वर्षों में हुई घटनाओं का विश्लेषण और आवश्यक निवारक उपायों पर विस्तार से चर्चा की गई। एडीजी रमित शर्मा ने स्पष्ट कहा कि लाट साहब के जुलूस को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराना प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने आयोजकों और आम लोगों से अपील की कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अराजक तत्व की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
कुल मिलाकर, होली से पहले शाहजहांपुर में प्रशासनिक तैयारियां अपने अंतिम चरण में हैं। पुलिस-प्रशासन का दावा है कि कड़े इंतजामों और आपसी सहयोग से इस बार भी लाट साहब का जुलूस शांति और सौहार्द के साथ संपन्न कराया जाएगा।
