बरेली : शहर के बरेली क्लब मैदान में 30वें उत्तरायणी मेले की शुरुआत होते ही शहर में उत्सव जैसा माहौल बन गया है। उत्तराखंड की लोकसंस्कृति, परंपराओं और सांस्कृतिक एकता को समर्पित यह मेला इस बार भी लोगों के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। हालांकि, निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मेले का उद्घाटन नहीं हो सका। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का प्रस्तावित बरेली दौरा किन्हीं कारणों से स्थगित हो गया। जिसके चलते उद्घाटन कार्यक्रम को टालना पड़ा। इसके बावजूद आयोजन समिति ने स्पष्ट कर दिया है कि यह तीन दिवसीय मेला 13, 14 और 15 जनवरी तक अपने तय कार्यक्रम के अनुसार पूरी भव्यता के साथ आयोजित किया जाएगा।

लोकसंस्कृति का संगम बना बरेली क्लब मैदान
आयोजन समिति के अनुसार, अब मेले का उद्घाटन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा वर्चुअली किए जाने की भी संभावना है। उत्तरायणी जनकल्याण समिति द्वारा आयोजित यह मेला उत्तराखंड की समृद्ध लोकसंस्कृति और पारंपरिक विरासत को सहेजने का एक बड़ा मंच है। मेले में पारंपरिक वेशभूषा में सजे कलाकार, लोकनृत्य, लोकगीत, ढोल-दमाऊ की गूंज और सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दर्शकों को उत्तराखंड की पहाड़ी संस्कृति से रूबरू करा रही हैं।
13 से 15 जनवरी तक चलेगा उत्तरायणी मेला, प्रवेश नि:शुल्क
आयोजन समिति के अध्यक्ष अमित पंत, महासचिव मनोज पांडेय, और कोषाध्यक्ष कमलेश बिष्ट ने बताया कि मेले में सुबह 10 बजे से रात 8 बजे तक आम जनता के लिए नि:शुल्क प्रवेश की व्यवस्था की गई है, ताकि हर वर्ग के लोग इस सांस्कृतिक आयोजन का हिस्सा बन सकें।
ढोल-दमाऊ और रंगयात्रा से गूंज उठा शहर
मेले के उद्घाटन से पहले शहर में भव्य रंगयात्रा निकाली गई। बरेली के महापौर उमेश गौतम ने कोतवाली परिसर से रंगयात्रा को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। रंगयात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरती हुई बरेली क्लब मैदान स्थित मेला स्थल तक पहुंची। रंगयात्रा के दौरान पारंपरिक परिधानों में सजे कलाकार, ढोल -दमाऊ की गूंज, लोकनृत्य और लोकगीत ने पूरे शहर को उत्तराखंड की संस्कृति के रंग में रंग दिया। सड़क के दोनों ओर खड़े लोगों ने रंगयात्रा का उत्साहपूर्वक स्वागत किया और इस अद्भुत नज़ारे को मोबाइल कैमरों में कैद किया।
डिप्टी सीएम के आने की उम्मीद
आयोजकों के मुताबिक,मेले के दूसरे दिन उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक के शामिल होने की संभावना है। शाम के सांस्कृतिक कार्यक्रम का शुभारंभ डीडीहाट (पिथौरागढ़) के विधायक विशन सिंह चुफाल द्वारा दीप प्रज्ज्वलन के साथ किया जाएगा, तो वहीं तीसरे और अंतिम दिन महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और नैनीताल से सांसद अजय भट्ट के मेले में पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।संस्कृति, एकता और परंपरा का उत्सव कुल मिलाकर, बरेली में आयोजित यह 30वां उत्तरायणी मेला उत्तराखंड की लोकसंस्कृति,परंपराओं और सांस्कृतिक एकता का जीवंत प्रतीक बनकर सामने आया है। बड़ी संख्या में लोग मेले में पहुंचकर इस सांस्कृतिक उत्सव को यादगार बना रहे हैं और उत्तराखंड की समृद्ध विरासत से जुड़ने का अनुभव कर रहे हैं।
