नई दिल्ली : तमिल सिनेमा के सुपरस्टार थलापति विजय की आखिरी फिल्म मानी जा रही जन नायकन रिलीज से पहले ही विवादों में घिर गई है। फिल्म के सेंसर सर्टिफिकेट को लेकर मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है, जिससे इसकी रिलीज को लेकर अनिश्चितता और बढ़ गई है। इस बीच यह विवाद केवल सिनेमा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सियासी रंग भी ले चुका है।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने फिल्म की रिलीज अटकने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए केंद्र सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए लिखा कि सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा जन नायकन को रोकने का प्रयास तमिल संस्कृति पर हमला है और तमिल जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। राहुल गांधी के इस बयान के बाद फिल्म से जुड़ा विवाद और तेज हो गया है।
दरअसल, जन नायकन के सेंसर सर्टिफिकेट को लेकर पहले ही कानूनी खींचतान चल रही थी। पिछले सप्ताह मद्रास हाईकोर्ट ने फिल्म को यू/ए सर्टिफिकेट जारी करने के निर्देश दिए थे। अदालत ने अपने आदेश में साफ कहा था कि सीबीएफसी चेयरपर्सन द्वारा फिल्म को रिवाइजिंग कमेटी के पास भेजने का फैसला अवैध है। कोर्ट के अनुसार, जब चेयरपर्सन ने पहले ही यह सिफारिश कर दी थी कि आवश्यक कट के बाद फिल्म को सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा, तो इसके बाद उनका अधिकार समाप्त हो जाता है।
मद्रास हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद फिल्म के निर्माताओं ने उम्मीद जताई थी कि जल्द ही सर्टिफिकेट जारी होगा और फिल्म रिलीज की राह साफ हो जाएगी। हालांकि, अब इस फैसले को चुनौती देते हुए मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया है। सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका में कहा गया है कि किसी भी फिल्म को रिलीज से पहले सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन जरूरी है और सर्टिफिकेट जारी करने या रोकने के फैसले पर समीक्षा की गुंजाइश बनी रहनी चाहिए।
फिलहाल सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए कोई तारीख तय नहीं की है। ऐसे में थलापति विजय की इस बहुप्रतीक्षित फिल्म की रिलीज को लेकर संशय बना हुआ है। वहीं, तमिल सिनेमा के कई बड़े कलाकार और फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोग जन नायकन के समर्थन में खुलकर सामने आ रहे हैं और इसे अभिव्यक्ति की आजादी से जोड़कर देख रहे हैं। अब सबकी नजर सुप्रीम कोर्ट के अगले कदम पर टिकी हुई है, जो इस पूरे विवाद की दिशा तय करेगा।