बरेली : बस चलाने और सवारियां बैठाने को लेकर दो पक्षों में काफी समय से रंजिश चल रही थी, शाहजहांपुर के बस संचालकों के बीच विवाद इतना बढ़ गया कि बीच सड़क बस रोककर मारपीट और फायरिंग की घटना सामने आई। इस मामले में भोजीपुरा थाना पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से तमंचा, कारतूस, लाठियां और घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो बरामद की है। पुलिस के अनुसार, शाहजहांपुर निवासी रानवेन्द्र सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके भाई मोनू उर्फ मानवेन्द्र की बस दिल्ली जा रही थी। आरोप है कि रास्ते में दूसरी बस से ओवरटेक कर उनकी बस को रोका गया और ड्राइवर के साथ मारपीट की गई। इसके बाद बिल्वा पुल के पास आरोपियों ने जान से मारने की नीयत से फायरिंग की।
बस संचालन को लेकर पहले से चल रहा था विवाद
पुलिस जांच में सामने आया है कि दोनों पक्षों के बीच बस संचालन और सवारियां बिठाने को लेकर लंबे समय से रंजिश चल रही थी। इसी रंजिश के चलते 2 जून को दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए।शिकायत के आधार पर भोजीपुरा थाने में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया।
मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दबोचे आरोपी
आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस टीम को सूचना मिली कि मामले से जुड़े कुछ आरोपी बिल्वा पुल के पास मौजूद हैं। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर विशाल यादव,आकाश राठौर और गोल्डी उर्फ वीरेन्द्र पाल को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है।
तमंचा, कारतूस, लाठियां और स्कॉर्पियो बरामद
गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक 315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस,चार लाठियां तथा घटना में प्रयुक्त स्कॉर्पियो कार बरामद किया गया। बरामदगी के आधार पर पुलिस ने मुकदमे में आर्म्स एक्ट की धाराएं भी बढ़ा दी हैं।
पूछताछ में आरोपियों ने कबूला विवाद
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दोनों पक्षों के बीच बसों के संचालन को लेकर विवाद चल रहा था। आरोपियों के अनुसार,एक बस के अचानक ब्रेक लगाने से दूसरी बस टकरा गई थी। इसके बाद विवाद बढ़ गया। दोनों पक्षों के बीच पीछा करने, फायरिंग और मारपीट की घटना हुई। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
कई मुकदमों में नामजद रहा है मुख्य आरोपी
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी गोल्डी उर्फ वीरेन्द्र पाल के खिलाफ हत्या के प्रयास, मारपीट, बलवा और अन्य गंभीर धाराओं में कई मुकदमे पहले से दर्ज हैं। वहीं विशाल यादव के खिलाफ भी पूर्व में आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
