फरीदपुर में फर्जी प्रमाणपत्र का बड़ा खुलासा, ADM ने जनसेवा केंद्र सील किया
बरेली : विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों की निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण- 2025 का काम प्रदेशभर में 4 नवंबर से 4 दिसंबर तक चल रहा है। लेकिन 120- भोजीपुरा विधानसभा में काम की बेहद धीमी प्रगति पर जिला प्रशासन सख्त हो गया है। निर्वाचन कार्य में लापरवाही बरतने पर 15 BLO को नोटिस जारी किए गए हैं और उनके खिलाफ लोक प्रतिनिधि अधिनियम 1950 की संबंधित धाराओं में कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
15 BLO पर कार्रवाई-निर्वाचन कार्य में लापरवाही साबित

जिन BLO को नोटिस दिया गया है उनमें शामिल हैं। इसमें चन्दन सक्सेना (धौरेरामाफी), आयद ख़ां व ममता गंगवार (भगवानपुर धिमरी), सुमिताभ कुमार (रूपापुर बढ़ैपुरा), इरशाद अली (गिरधारीपुर), नूतन कुमारी झा (धौराटांडा), प्रियंका सिंह (विवियापुर चौधरी), प्रवीन कुमार (दौली रघुवर दयाल), सुरजीत कुमार (घुरसमसपुर), रिजवाना बेगम (डहिया), रवि अली (उदयपुर बन्नोजान), विमला देवी (सेड़ा), मुजफ्फर खां (करमपुर चौधरी), नरोत्तम पाल (गहलुईया), राजेंद्र सिंह (नगरिया खुर्द) आदि के खिलाफ निर्वाचक नामावली पुनरीक्षण में शिथिलता और लापरवाही का आरोप है।
फरीदपुर में ADM ने किया निरीक्षण, फर्जी प्रमाणपत्र बनवाने का बड़ा मामला पकड़ा

एडीएम एफआर (अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व) उप जिला निर्वाचन अधिकारी संतोष कुमार सिंह ने बुधवार को तहसील फरीदपुर में वोटर रजिस्ट्रेशन सेंटर और फील्ड में BLO के काम की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान दो बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ कि दो महिलाओं ने फर्जी सर्टिफिकेट बनवाया है। इन दोनों ने नगर पालिका अध्यक्ष शराफत के एक ही पैड पर निवास प्रमाणपत्र लगाया था, जबकि प्रमाणपत्र में लगी फोटो किसी तीसरे व्यक्ति की पाई गई। तुरंत तहसीलदार को जांच सौंप दी गई है और जिस जनसेवा केंद्र से फॉर्म भेजे गए थे, उसे सील कर दिया गया है।
फर्जी दस्तावेज बनाने वालों पर FIR के आदेश
ADM ने स्पष्ट निर्देश दिए कि संबंधित व्यक्तियों पर FIR दर्ज की जाए। फर्जी दस्तावेज लगाने वालों को जेल भेजा जाएगा। जनसेवा केंद्र संचालकों के लाइसेंस निरस्त होंगे। राजस्व कर्मचारी, नगर पालिका कर्मी या पंचायत सचिव, कोई भी यदि गलत रिपोर्ट लगाएगा तो बख्शा नहीं जाएगा
QR कोड से आधार सत्यापन अनिवार्य
ADM संतोष कुमार सिंह ने बताया कि SIR के चलते हाल में फर्जी जाति और निवास प्रमाणपत्र बनवाने की शिकायतें बढ़ी हैं, इसलिए सभी SDM को निर्देश जारी किए गए। प्रमाणपत्र जारी करने से पहले सभी साक्ष्यों की जांच अनिवार्य है। आधारकार्ड के QR कोड को सिस्टम से स्कैन कर सत्यापन किया जाए। किसी भी प्रकार की फर्जीवाड़ा मिलने पर तत्काल दंडात्मक कार्रवाई होगी।
