बरेली : यूपी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत बरेली परिक्षेत्र पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी और प्रभावी कार्रवाई कर पिछले छह महीनों में 506 साइबर मुकदमे दर्ज किए हैं।बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर जिलों में चलाए गए अभियान के दौरान 72 साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 17 आरोपियों को नोटिस तामील कराया गया है।पुलिस उपमहानिरीक्षक बरेली परिक्षेत्र (डीआईजी) अजय कुमार साहनी के निर्देशन में साइबर अपराधों की रोकथाम और आमजन को जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस के अनुसार 1 नवंबर 2025 से 30 अप्रैल 2026 तक साइबर अपराध से जुड़े कुल 8697 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। जिनमें से 6103 मामलों का निस्तारण किया जा चुका है।
7 करोड़ से ज्यादा रकम होल्ड, करोड़ों रुपये पीड़ितों को लौटाए
साइबर पुलिस टीमों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए साइबर ठगी के मामलों में कुल 7 करोड़ 24 लाख 52 हजार 778 रुपये की रकम होल्ड कराई, जबकि 1 करोड़ 33 हजार 631 रुपये से अधिक की रकम पीड़ितों को वापस कराई गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्य,डिजिटल सर्विलांस और बैंकिंग डिटेल्स के आधार पर कई गिरोहों तक पहुंच बनाई।
रेलवे जंक्शन से पकड़ा गया अंतरराज्यीय मोबाइल चोर गिरोह
बरेली साइबर थाना पुलिस ने NCRP शिकायत की जांच के दौरान तकनीकी विश्लेषण से रेलवे जंक्शन बरेली के पास सक्रिय अंतरराज्यीय मोबाइल चोर एवं साइबर अपराधी गिरोह का खुलासा किया। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से करीब 15 लाख रुपये कीमत के 45 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए।पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी भीड़भाड़ वाले इलाकों में मोबाइल चोरी कर यूपीआई के जरिए पीड़ितों के बैंक खातों से पैसे ट्रांसफर कर लेते थे। चोरी किए गए मोबाइल अन्य राज्यों के साइबर अपराधियों को भी सप्लाई किए जाते थे।
बदायूं में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़
बदायूं साइबर थाना पुलिस ने तकनीकी जांच और मोबाइल लोकेशन ट्रेसिंग के आधार पर कोतवाली क्षेत्र के नई सराय मोहल्ले में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर पर छापा मारकर पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपी नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से रजिस्ट्रेशन फीस और अन्य शुल्क के बहाने साइबर ठगी कर रहे थे।
पुलिस जांच में करीब 4.50 लाख रुपये की ठगी सामने आई है। मौके से लैपटॉप, प्रिंटर, स्मार्टफोन, 23 सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए हैं।
2166 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
साइबर अपराध से बचाव के लिए बरेली परिक्षेत्र पुलिस ने पिछले छह महीनों में 2166 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। इन कार्यक्रमों में लोगों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी कॉल, निवेश ठगी, सोशल मीडिया फ्रॉड और ऑनलाइन गेमिंग से जुड़े साइबर अपराधों के प्रति जागरूक किया गया।
DIG अजय कुमार साहनी की लोगों से अपील
डीआईजी अजय कुमार साहनी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि किसी भी लालच, फर्जी निवेश योजना, संदिग्ध लिंक और अनजान कॉल पर भरोसा न करें। OTP, बैंक डिटेल्स और निजी जानकारी किसी के साथ साझा न करें। उन्होंने कहा कि डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई कानूनी प्रक्रिया ऑनलाइन नहीं होती और कोई सरकारी एजेंसी वीडियो कॉल पर पैसे की मांग नहीं करती।
साइबर ठगी होने पर तुरंत करें ये काम
पुलिस ने साइबर अपराध होने की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करने, और www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी है। पुलिस के मुताबिक “गोल्डन टाइम” यानी शुरुआती 30 मिनट के भीतर शिकायत करने पर रकम रिकवर होने की संभावना काफी बढ़ जाती है।
