बरेली: यूपी के बरेली की अदालत ने शुक्रवार को तीन अलग-अलग गंभीर मामलों में दोषियों को कड़ी सजा सुनाकर महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों में न्याय की मिसाल कायम की है। अदालत ने न केवल लंबी जेल की सजा दी, बल्कि जुर्माने भी लगाए, ताकि अपराधियों को समाज में चेतावनी मिल सके। तेजाब हमले में 27 साल की सजा इज्जतनगर क्षेत्र में युवाओं और युवतियों पर घर में घुसकर तेजाब फेंकने वाले युवांश को अदालत ने दोषी ठहराया। उसे 27 साल की जेल और 1,05,000 रुपये जुर्माना सुनाया गया है। यदि जुर्माना अदा नहीं किया गया तो अतिरिक्त 1 साल का कारावास भुगतना होगा। यह मामला बरेली में महिलाओं के खिलाफ हिंसा पर कड़ी कार्रवाई का उदाहरण माना जा रहा है।
नाबालिग से छेड़छाड़ के आरोपी को 4 साल की जेल
कैंट क्षेत्र में 14 वर्षीय नाबालिग के साथ छेड़छाड़ करने वाले शिलेन्द्र को अदालत ने दोषी पाया। उसे 4 साल की जेल और 10,000 रुपये जुर्माना की सजा दी गई है। जुर्माना न चुकाने पर 2 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अपहरण और दुष्कर्म के आरोपी को 18 साल की सजा
देवरनिया में 16 वर्षीय नाबालिग को बहला-फुसलाकर अपहरण और दुष्कर्म करने वाले दीनदयाल को अदालत ने 18 साल की जेल और 25,000 रुपये जुर्माना सुनाया। जुर्माना न देने पर अतिरिक्त 6 महीने का कारावास भुगतना पड़ेगा।
बच्चों के खिलाफ अपराध नहीं होंगे बर्दाश्त
वकीलों और सामाजिक कार्यकर्ताओं का कहना है कि यह सजा समाज में एक संदेश देती है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराध बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। अदालत ने तीनों मामलों में न केवल कठोर जेल की सजा दी बल्कि वित्तीय जुर्माना भी तय किया, जिससे अपराधियों को कानूनी और आर्थिक दोनों तरह की चेतावनी मिल सके।
