बरेली : यूपी के बरेली की फरीदपुर सहकारी बैंक में करोड़ों रुपये के घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस ने निलंबित शाखा प्रबंधक गौरव वर्मा को रविवार रात फरीदपुर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। गौरव पर आरोप है कि उसने किसानों और विधवाओं के खातों से सरकारी योजनाओं की रकम हड़प ली। जांच में सामने आया कि गौरव ने बैंक कर्मचारी चंद्र प्रकाश, दीपक पांडे और पूर्व शाखा प्रबंधक मुकेश कुमार गंगवार के साथ मिलकर किसान सम्मान निधि और विधवा पेंशन के फंड में सेंध लगाई।
एक महीने पहले खुला था मामला
मामला 8 जुलाई को उजागर हुआ, जब जिला सहकारी बैंक के वरिष्ठ सहायक अंकित कुमार ने थाने में तहरीर दी। पूछताछ में गौरव ने कबूल किया कि मई 2022 में पदभार संभालने के बाद उसने चंद्र प्रकाश के कहने पर अपना सिस्टम आईडी -पासवर्ड उसे दे दिया। इसके बाद 550 फर्जी खाते खोले गए। जिनको गलत आधार नंबर से लिंक किया गया और करीब 90 लाख रुपये निकाल लिए गए।
आरोपी ने बताया, पूर्व बैंक मैनेजर के समय हुआ गबन
अंशिका वर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक दक्षिणी
गौरव ने यह भी बताया कि उसके आने से पहले ही पूर्व प्रबंधक के समय में 40-45 लाख रुपये का गबन हो चुका था। फिलहाल बैंक में केवल 60 लाख रुपये ही बचे हैं। इस दौरान पुलिस टीम में निरीक्षक अपराध रविन्द्र कुमार नैन, उपनिरीक्षक लोकेश तोमर और कांस्टेबल महेश ने मिलकर गौरव को गिरफ्तार किया। पुलिस अब बाकी आरोपियों की तलाश और वित्तीय लेनदेन की गहन जांच कर रही है।
