लोहे की रॉड से हमला, SC/ST एक्ट में FIR के बाद भी आरोपियों को छोड़े जाने पर वकीलों का आक्रोश
बरेली : शहर कोतवाली थाना क्षेत्र में।18 नवंबर को अधिवक्ताओं और दो युवकों के बीच हुआ विवाद अब बड़ा रूप ले चुका है। अधिवक्ताओं का आरोप है कि पुलिस ने न केवल उनके साथी अधिवक्ता पर मुकदमा दर्ज किया, बल्कि इस कार्रवाई में कई अनियमितताएँ भी सामने आई हैं। जानकारी के अनुसार, प्रगति नगर, थाना सुभाष नगर के रहने वाले आशीष सिंह और अमन का अधिवक्ताओं से गंभीर विवाद हुआ था। अधिवक्ताओं के मुताबिक दोनों युवकों ने जानबूझकर अधिवक्ताओं की पार्क की गई गाड़ी में टक्कर मारी।।बीच-बचाव करने आए अधिवक्ता बाबूराम और शकील हुसैन पर जान से मारने की नीयत से लोहे की रॉड से हमला किया।
हमले में दोनों वकील गंभीर रूप से घायल
अधिवक्ताओं का कहना है कि दोनों आरोपियों को उन्होंने मौके पर पकड़कर बैठा लिया और फिर पुलिस को बुलाकर उनके हवाले किया। अधिवक्ताओं ने थाना कोतवाली पुलिस पर आरोप लगाए हैं।
है। उनके अनुसार-घटना में SC/ST एक्ट सहित गंभीर धाराएँ लगाई गईं। इसके बावजूद पुलिस ने दोनों आरोपियों को थाने से ही रिलीज कर दिया, जबकि CO प्रथम ने आश्वासन दिया था कि वकीलों के खिलाफ कोई मुकदमा नहीं लिखा जाएगा। इसके बावजूद पुलिस ने उल्टा अधिवक्ताओं पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया। वकीलों ने इसे पक्षपात, लापरवाही और अत्याचार बताया है।
DIG बरेली को सौंपा गया ज्ञापन- पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई और सुरक्षा की मांग
घटना के बाद आज अधिवक्ताओं का प्रतिनिधि मंडल DIG बरेली अजय कुमार सहनी से मिला और एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी हो। वकीलों पर दर्ज हुआ मुकदमा वापस लिया जाए।।इस पूरे प्रकरण में शामिल पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। आरोपी युवकों द्वारा मिल रही धमकियों से सुरक्षा प्रदान की जाए DIG बरेली ने आश्वासन दिया कि-“पूरा मामला जांच में जाएगा, और जो भी दोषी होगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।”अधिवक्ताओं का कहना है कि हमला करने वाले युवक लगातार धमकियाँ दे रहे हैं। उनकी सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं की गई है, जिससे अधिवक्ता समाज में भारी नाराज़गी है।
