बरेली : यूपी के बरेली में लेखपाल संघ ने वर्षों से लंबित मांगों और विभागीय उपेक्षा के खिलाफ आज बरेली की तहसील सदर में लेखपालों ने शांतिपूर्ण लेकिन सशक्त प्रदर्शन किया। यह धरना सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक चला, जिसमें जिलेभर से बड़ी संख्या में लेखपाल शामिल हुए। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि पिछले 9 वर्षों के दौरान हजारों पत्राचार और विभागीय सहमतियों के बावजूद उनकी प्रमुख समस्याओं पर न तो शासन ने और न ही विभाग ने कोई ठोस कदम उठाया।
9 वर्षों से नहीं बढ़ा वेतनमान, भत्ते और पदनाम-लेखपालों ने कहा “अब धैर्य जवाब दे रहा है”
संघ के प्रतिनिधियों के अनुसार वेतनमान उच्चीकरण (लेवल-5: 29200–92300), पदनाम परिवर्तन, ACपी विसंगति दूर करना, मृतक आश्रित लेखपालों को पुरानी पेंशन, स्टेशनरी, मोटरसाइकिल और विशेष भत्तों में वृद्धि…जैसी महत्वपूर्ण मांगों पर 9 साल से कोई प्रगति नहीं हुई है। संघ ने बताया कि सैकड़ों पत्र शासन, DM, SDM, आयुक्त, राजस्व परिषद और राजस्व सचिवालय तक भेजे गए, लेकिन कार्रवाई केवल “फाइलों में घूमती रही”, ज़मीनी समाधान नहीं निकला।
3000 लेखपाल अपने परिवारों से 500- 1000 किमी दूर तैनाती के कारण तनाव में
संघ ने बताया कि लगभग 3000 लेखपाल अपने गृह जनपदों से सैकड़ों किलोमीटर दूर तैनाती के कारण मानसिक और पारिवारिक तनाव झेल रहे हैं। 23 अगस्त 2018 के शासनादेश के तहत अंतर्मंडलीय स्थानांतरण के लिए ऑनलाइन आवेदन तो लिए गए थे, लेकिन स्थानांतरण सूची आज तक जारी नहीं हुई, जिससे हजारों परिवार प्रभावित हैं।
डीपीसी भी अटकी-02 जुलाई व 03 सितंबर 2025 के निर्देश भी लागू नहीं
लेखपालों ने बताया कि कि राजस्व निरीक्षक पद पर चयन वर्ष 2025-26 की डीपीसी का गठन आज तक नहीं हुआ,जबकि इस संबंध में 02 जुलाई 2025 और 03 सितंबर 2025 को शासन ने निर्देश जारी किए थे। इन आदेशों पर भी अमल नहीं हुआ, जिससे हजारों कर्मचारियों का करियर अटका हुआ है। 5 अक्टूबर 2025 की मथुरा प्रांतीय बैठक में बने थे आंदोलन के निर्णय है। संघ ने यह भी याद दिलाया कि 5 अक्टूबर 2025 को मथुरा में 75 जिलों के पदाधिकारियों की उपस्थिति में विभागीय उपेक्षा पर कड़ी नाराजगी जताई गई थी। उसी बैठक में यह तय हुआ था कि यदि मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन तेज किया जाएगा, और आज का धरना उसी का पहला चरण है। लेखपाल संघ की लेखपालों का प्रारंभिक वेतनमान लेवल-5 (29200–92300) किया जाए, पदनाम परिवर्तन एवं ACपी विसंगति दूर की जाए, मृतक आश्रित लेखपालों को पुरानी पेंशन का लाभ दिया जाए, स्टेशनरी भत्ता 100 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये किया जाए, नियत यात्रा भत्ते की जगह वाहन/मोटरसाइकिल भत्ता लागू हो, विशेष वेतन भत्ता 100 से बढ़ाकर 2500 रुपये प्रतिमाह किया जाए, राजस्व निरीक्षक व नायब तहसीलदार के अतिरिक्त पदों का सृजन किया जाए। उन्होंने कहा कि “सीमित मैनपावर के बावजूद हम 20 विभागों का काम कर रहे—लेकिन उपेक्षा चरम पर” : लेखपाल संघ संघ ने कहा कि लेखपाल, राजस्व कार्य, सरकारी योजनाएँ, चुनाव, सर्वे, आपदा राहत वेरिफिकेशन…जैसे 20 से अधिक विभागीय कार्य एक साथ करते हैं। इसके बावजूद भत्तों में कोई वृद्धि नहीं, और न ही संसाधन उपलब्ध हैं।
संघ ने कहा कि यदि सरकार जल्द समाधान नहीं करती, तो आंदोलन को अगला चरण दिया जाएगा।
