बरेली : शहर के कैंट क्षेत्र में 14 वर्षीय सोनम की मौत ने स्वास्थ्य विभाग और पुलिस कार्रवाई दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।परिजनों का आरोप है कि टीबी विशेषज्ञ बनने का ढोंग करने वाले झोलाछाप अमरपाल गंगवार उर्फ बब्लू ने बच्ची को गलत दवाएं देकर उसकी जान ले ली। पीड़ित पिता मनोज सागर ने सीएमओ को दी शिकायत में बताया कि जिला अस्पताल ने टीबी की पुष्टि के बाद 9 माह का कोर्स दिया था, लेकिन अमरपाल ने खुद को “टीबी स्पेशलिस्ट” बताकर परिवार को 6 महीने में ठीक करने का झांसा दिया। 25 मार्च 2024 को शुरू हुआ इलाज दो महीनों में ही बच्ची की हालत बिगाड़ता गया।
बरेली से मथुरा, और देहरादून तक कराया इलाज
परिवार उसे बरेली से लेकर मथुरा, वृंदावन, ऋषिकेश और देहरादून तक ले गया, लेकिन हर डॉक्टर ने इलाज से इनकार कर दिया, कहते हुए कि “ये दवाएं टीबी की नहीं हैं, उल्टी बीमारी की दवाएं दी गई हैं।आखिरकार, 25 मई 2024 को प्राइमस अस्पताल में सोनम ने दम तोड़ दिया। पिता का दर्द छलक पड़ा। “मेरी बच्ची इलाज मांग रही थी… और झोलाछाप उसे मौत दे रहा था।”
आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज
पीड़ित मनोज की तहरीर पर मुकदमा दर्ज हुआ, पर पुलिस ने एफआर लगा दी, जिससे पीड़ित अब न्याय के लिए भटक रहा है। उसका आरोप है कि अमरपाल पैसे और जुगाड़ से कार्रवाई से बच रहा है। परिजनों के पास आज भी दवाओं के रेपर, पर्चे और मेडिकल रिपोर्ट मौजूद हैं, जो बड़े सवाल खड़े करते हैं। बरेली में कब तक झोलाछाप बच्चों की जान लेते रहेंगे?। कब तक मौत परोसने वालों को सिस्टम बचाता रहेगा?
