प्रजनन काल में मछलियों के संरक्षण के लिए प्रशासन का बड़ा फैसला, 30 सितंबर तक मत्स्य बीज पकड़ने पर भी रोक
बरेली : यूपी के बरेली जिले में मछलियों के संरक्षण और संवर्धन को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा निर्णय लिया है। जिलाधिकारी (डीएम) अविनाश सिंह के निर्देश पर नदियों एवं बहती जलधाराओं में मत्स्य आखेट (मछली पकड़ने) और मत्स्य बीज (फ्राई व फिंगरलिंग) पकड़ने पर प्रतिबंध लागू कर दिया गया है। आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ उत्तर प्रदेश मत्स्य अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। डीएम द्वारा जारी आदेश के अनुसार वर्षा ऋतु मछलियों का प्रजनन काल होता है। इस दौरान नदियों और बहते जल स्रोतों में कतला, रोहू, नैन समेत विभिन्न प्रजातियों की मछलियां अंडे देती हैं। ऐसे समय में मछलियों का शिकार करने से उनकी संख्या पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है।
मछली के शिकार पर 30 सितंबर तक रोक
इसी को देखते हुए संरक्षण के उद्देश्य से प्रतिबंध लागू किया गया है। प्रशासन के मुताबिक 15 जून से 30 जुलाई तक नदियों में मत्स्य आखेट पर रोक प्रभावी रही है। वहीं 15 जुलाई से 30 सितंबर तक मत्स्य जीरा, फ्राई और फिंगरलिंग (मत्स्य बीज) पकड़ने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा।डीएम ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि प्रतिबंध अवधि में यदि कोई व्यक्ति नदी से मछली या मत्स्य बीज पकड़ता हुआ पाया गया तो उसके खिलाफ उत्तर प्रदेश मत्स्य अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
मत्स्य एवं राजस्व विभाग को निगरानी का जिम्मा
मत्स्य एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीमें प्रतिबंध के पालन की निगरानी करेंगी। प्रशासन ने मछुआरों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे नियमों का पालन करें और जल जीवों के संरक्षण में सहयोग दें, ताकि प्राकृतिक संसाधनों और मत्स्य संपदा का संतुलन बना रहे।
