35-40 हजार रुपये में बनाते थे फर्जी कार्ड, आधार में हेरफेर कर इलाज कराने का आरोप, नवाबगंज के पिता-पुत्री से 47 हजार रुपये लेने के मामले से खुला नेटवर्क
बरेली : फर्जी आयुष्मान कार्ड तैयार कर लोगों को इलाज दिलाने और उनसे मोटी रकम वसूलने वाले गिरोह का पुलिस ने भंडाफोड़ किया है। मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की जांच में गिरोह में एक बड़े अस्पताल के कर्मचारी और सीएमओ कार्यालय के कर्मचारी की कथित भूमिका भी सामने आई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी फर्जी तरीके से आयुष्मान कार्ड तैयार कराने के एवज में 35 से 40 हजार रुपये तक वसूलते थे। इसके लिए लाभार्थियों के आधार कार्ड में कथित तौर पर हेरफेर कर फर्जी आयुष्मान कार्ड तैयार किए जाते थे और फिर उन्हीं के आधार पर इलाज कराने की कोशिश की जाती थी। पुलिस ने भोजीपुरा मेडिकल कॉलेज के पीछे से आरोपी आबिद, सलमान, अरमान अफरोज और देशरत्न को गिरफ्तार किया है आरोपियों के पास से तलाशी में 7 मोबाइल फोन, 13 फर्जी आयुष्मान कार्ड और 6 फर्जी आधार कार्ड मिले हैं। इसके साथ ही 22 राशन कार्ड की 22 फर्जी छायाप्रतियां, और 27 00 भी बरामद हुए हैं।आरोपी मोबाइल एप्लीकेशन और ऑनलाइन मंच के जरिए आधार राशन और आयुष्मान कार्ड से जुड़ी प्रक्रिया करते थे उनके खिलाफ धोखाधड़ी और कूट रचना समेत विभिन्न धाराओं में कार्रवाई की गई है।
पिता-पुत्री के मामले से खुला फर्जीवाड़ा

इस मामले का खुलासा नवाबगंज क्षेत्र के हरप्रसाद से जुड़ी शिकायत के बाद हुआ। आरोप है कि हरप्रसाद अपनी बेटी का इलाज कराने ऋषिकेश एम्स पहुंचे थे। इसी दौरान आबिद और उसके साथियों ने उनसे 47 हजार रुपये लेकर उनके और उनकी बेटी के आधार विवरण में हेरफेर कर आयुष्मान कार्ड तैयार कराया। पुलिस ने इस मामले में पहले ही मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। पूछताछ में आरोपियों से मिली जानकारी के आधार पर गिरोह में शामिल अन्य लोगों की भूमिका भी जांच के दायरे में आई।
अस्पताल से लेकर सरकारी कार्यालय तक नेटवर्क की जांच
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी कार्ड तैयार कराने में अस्पताल कर्मचारी और CMO कार्यालय के कर्मचारी की भूमिका कितनी थी, कितने लोगों के कार्ड तैयार किए गए और इस नेटवर्क के जरिए कितनी रकम वसूली गई। जांच में फर्जी कार्ड बनाने की प्रक्रिया, आधार विवरण में कथित बदलाव, अस्पतालों में उनके इस्तेमाल और आरोपियों के बीच पैसों के लेन-देन से जुड़े साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है। पुलिस के मुताबिक पूरे नेटवर्क की कड़ियां सामने आने के बाद मामले में आगे और कार्रवाई की जा सकती है।
