बरेली: बरसात के मौसम में डेंगू, मलेरिया और डायरिया जैसे संचारी रोगों के बढ़ते खतरे को देखते हुए बरेली जिला अस्पताल ने अपनी तैयारियां पूरी कर ली हैं। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि मरीजों के इलाज, जांच और भर्ती के लिए पर्याप्त इंतजाम किए गए हैं। अस्पताल में अलग-अलग वार्ड बनाए गए हैं, जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और मेडिकल स्टाफ को भी पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
डेंगू, मलेरिया और डायरिया के लिए अलग वार्ड तैयार
जिला अस्पताल के एडीएसआईसी डॉ. रमेश चंद्र दीक्षित ने बताया कि बरसात के दौरान सबसे अधिक डेंगू, मलेरिया और डायरिया के मरीज अस्पताल पहुंचते हैं। इसे देखते हुए तीनों बीमारियों के मरीजों के लिए अलग-अलग वार्ड तैयार किए गए हैं। डेंगू और मलेरिया वार्ड में मच्छरदानियां भी लगाई गई हैं, ताकि मरीजों को संक्रमण से सुरक्षित रखा जा सके। अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंची स्वास्थ्य विभाग की टीम ने भी व्यवस्थाओं पर संतोष जताया है।
दवाओं और जांच की नहीं होगी कमी
डॉ. दीक्षित ने बताया कि डेंगू और मलेरिया के इलाज में इस्तेमाल होने वाली सभी जरूरी दवाएं अस्पताल में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। यदि भविष्य में किसी दवा की जरूरत बढ़ती है तो तुरंत इंडेंट भेजकर अतिरिक्त दवाएं मंगाई जाएंगी। उन्होंने कहा कि फिलहाल अस्पताल में किसी भी जरूरी दवा की कोई कमी नहीं है।
पैथोलॉजी में हो रही सभी जरूरी जांचें
अस्पताल प्रशासन के अनुसार, डेंगू और मलेरिया की आशंका वाले मरीजों की सभी आवश्यक जांचें जिला अस्पताल की पैथोलॉजी लैब में की जा रही हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर मरीजों का तुरंत इलाज शुरू किया जा रहा है, ताकि बीमारी गंभीर होने से पहले ही उस पर नियंत्रण पाया जा सके। अस्पताल के डॉक्टर हर मरीज की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
लक्षण दिखें तो इलाज में देरी न करें
डॉ. रमेश चंद्र दीक्षित ने लोगों से अपील की कि बरसात के मौसम में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें, केवल स्वच्छ और सुरक्षित पानी का ही सेवन करें तथा घर के आसपास पानी जमा न होने दें। यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, उल्टी, दस्त या शरीर में दर्द जैसे लक्षण दिखाई दें तो घरेलू इलाज पर निर्भर रहने के बजाय तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। उन्होंने कहा कि समय पर जांच और इलाज से डेंगू, मलेरिया और अन्य संचारी रोगों से होने वाली गंभीर परेशानियों से बचा जा सकता है।
