बरेली: कोर्ट ने हत्या और नाबालिग से दुष्कर्म जैसे संगीन मामलों में दोषियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए सख्त सजा सुनाई है। सुनाए गए इन फैसलों से साफ है कि गंभीर अपराधों में अदालत किसी तरह की नरमी बरतने के मूड में नहीं है।
पति की हत्या के मामले में पत्नी को 10 साल की सजा
बारादरी थाना क्षेत्र के खुर्रम गौटिया निवासी जीवन सिंह की मौत के मामले में अदालत ने अहम फैसला सुनाया है। अभियोजन के अनुसार मृतक की पत्नी नगीना देवी के एक अन्य व्यक्ति से अवैध संबंध थे, जिसके चलते पति के साथ लगातार मारपीट की जाती थी। जुलाई 2021 में गंभीर चोटों के कारण जीवन सिंह की मौत हो गई थी। कोर्ट ने नगीना देवी को दोषी मानते हुए 10 वर्ष के कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। सह अभियुक्त की पहले ही मृत्यु हो चुकी है।
नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी को 20 साल का कठोर कारावास
प्रेमनगर थाना क्षेत्र के एक मामले में पॉक्सो कोर्ट ने कड़ा फैसला सुनाया। 13 वर्षीय नाबालिग को बहला-फुसलाकर ले जाने और उसके साथ बार-बार दुष्कर्म करने के आरोपी उदय जाट को दोषी करार दिया गया है। अदालत ने आरोपी को पॉक्सो एक्ट के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास और अलग-अलग धाराओं में अतिरिक्त सजा व जुर्माना सुनाया है। कोर्ट ने इसे गंभीर और समाज को झकझोर देने वाला अपराध माना।
चाकू मारकर हत्या करने वाले को उम्रकैद
विशारतगंज थाना क्षेत्र में कहासुनी के बाद चाकू मारकर की गई हत्या के मामले में भी अदालत ने सख्त फैसला दिया। मार्च 2024 में विजय साहू की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। कोर्ट ने आरोपी अरुण उर्फ मीत गोस्वामी को हत्या का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। साथ ही अवैध हथियार रखने के मामले में भी अलग से सजा दी गई हैं।
