बिना बैरिकेडिंग खुदाई और जलभराव पर सख्ती, कई चेतावनियों के बाद भी नहीं सुधरे हालात, सुरक्षा इंतजाम तत्काल करने के निर्देश
बरेली: शहर में मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट (सीएम ग्रिड) फेज-2 परियोजना के कार्यों में लापरवाही बरतने वाली कार्यदायी संस्था के खिलाफ नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई की है। नगर निगम प्रशासन ने मैसर्स शर्मा कंस्ट्रक्शन प्रोजेक्ट प्राइवेट लिमिटेड को कारण बताओ नोटिस जारी कर 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई कोहाड़ापीर पेट्रोल पंप से जीआरएम स्कूल, कुदेशिया पुल होते हुए सूद धर्म कांटा तक चल रहे निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अव्यवस्थित कार्यशैली के कारण की गई है।
बिना बैरिकेडिंग खुदाई से बढ़ा हादसे का खतरा

नगर निगम के अनुसार मानसून के दौरान सड़क के दोनों ओर गहरी खुदाई कराई गई, लेकिन सुरक्षा के लिए आवश्यक बैरिकेडिंग नहीं लगाई गई। इसके चलते क्षेत्र में जलभराव की समस्या गंभीर हो गई है और स्थानीय लोगों के साथ-साथ राहगीरों के लिए दुर्घटना का खतरा लगातार बना हुआ है। बारिश के कारण खुदाई वाले हिस्से दिखाई नहीं देने से हादसे की आशंका और बढ़ गई है।
कई बार चेतावनी के बावजूद नहीं सुधरी कार्यशैली
नगर निगम के अधिशासी अभियंता (एक्सईएन) राजीव राठी ने बताया कि कार्यदायी संस्था को पहले भी कई बार व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से निर्माण कार्य करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन ठेकेदार ने इन निर्देशों का पालन नहीं किया।उन्होंने कहा कि यह परियोजना शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं में शामिल है, और इसकी नियमित समीक्षा की जाती है। ऐसे में ठेकेदार की लापरवाही से नगर निगम की छवि भी प्रभावित हो रही है।
नगर आयुक्त बोले- सुधार नहीं हुआ तो हुई कार्रवाई
नगर आयुक्त संजीव कुमार मौर्य ने मीडिया को बताया कि फर्म को कई बार नोटिस जारी किए गए, लेकिन न तो संतोषजनक जवाब मिला और न ही निर्माण कार्य में सुधार किया गया। इसके बाद नगर निगम ने सख्त रुख अपनाते हुए 10 लाख रुपये का जुर्माना लगाया और सभी असुरक्षित स्थानों पर तत्काल बैरिकेडिंग तथा अन्य सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
स्थानीय लोगों ने जताई चिंता
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि मानसून के दौरान बिना बैरिकेडिंग खुदाई करना लोगों की सुरक्षा के साथ गंभीर खिलवाड़ है। बारिश के कारण खुदाई वाले हिस्से नजर नहीं आते, जिससे वाहन चालकों और पैदल राहगीरों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा बना रहता है। लोगों ने उम्मीद जताई है कि नगर निगम की कार्रवाई के बाद निर्माण एजेंसी सुरक्षा मानकों का पालन करेगी और क्षेत्र में जल्द बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित होगी।
