ब्लैक स्पॉट सुधार, ओवरस्पीडिंग पर कार्रवाई और कांवड़ यात्रा की तैयारी के निर्देश
बरेली : मंडल के जिलों में सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आयुक्त बरेली मंडल (कमिश्नर) भूपेंद्र एस. चौधरी की अध्यक्षता में मंडलीय सड़क सुरक्षा समिति की वर्ष 2026 की दूसरी बैठक आयोजित हुई। बैठक में परिवहन, पुलिस, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, एनएचएआई, नगर निगम, शिक्षा विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में बरेली मंडल के चारों जिलों बरेली, बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर में सड़क दुर्घटनाओं की स्थिति की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान सामने आया कि बरेली और बदायूं में सड़क हादसों में कमी आई है, लेकिन पीलीभीत और शाहजहांपुर में दुर्घटनाएं बढ़ी हैं। इस पर आयुक्त ने गहरी चिंता जताते हुए ब्लैक स्पॉट सुधार, ओवरस्पीडिंग पर कार्रवाई, अवैध कट बंद कराने और सड़क सुरक्षा के सभी जरूरी इंतजाम जल्द पूरे करने के निर्देश दिए।
बरेली-बदायूं में राहत, पीलीभीत और शाहजहांपुर ने बढ़ाई चिंता

इस बैठक में परिवहन विभाग की ओर से बताया गया कि बरेली में सड़क दुर्घटनाओं में मृतकों की संख्या में 7.17 प्रतिशत और बदायूं में 10.55 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। वहीं पीलीभीत में यह आंकड़ा 3.50 प्रतिशत और शाहजहांपुर में 25.51 प्रतिशत तक बढ़ गया है। इन आंकड़ों पर कमिश्नर ने विशेष चिंता जताई और एनएचएआई व पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को निर्देश दिया कि जिन जगहों पर बार-बार हादसे हो रहे हैं, वहां तुरंत सुधारात्मक काम कराए जाएं। उन्होंने कहा कि ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित स्थलों की नई सूची तैयार की जाए और हर स्थान पर किए गए व प्रस्तावित कार्यों का पूरा ब्यौरा कमिश्नर ऑफिस को भेजा जाए, ताकि उसकी लगातार समीक्षा हो सके।
ब्लैक स्पॉट, स्पीड लिमिट और ओवरस्पीडिंग पर सख्त एक्शन
कमिश्नर भूपेंद्र एस. चौधरी ने खास तौर पर पीलीभीत और शाहजहांपुर में बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए ब्लैक स्पॉट और क्रिटिकल कॉरिडोर पर स्पीड लिमिट बोर्ड, चेतावनी संकेतक, रम्बल स्ट्रिप और दूसरे जरूरी सड़क सुरक्षा उपाय तुरंत लगाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही यातायात पुलिस और परिवहन विभाग को संयुक्त अभियान चलाकर ओवरस्पीडिंग, शराब पीकर वाहन चलाने और अन्य गंभीर यातायात नियम तोड़ने वालों पर सख्त कार्रवाई करने को कहा गया। कमिश्नर ने यह भी स्पष्ट किया कि जो चालक बार-बार नियम तोड़ते हैं, उनके खिलाफ ड्राइविंग लाइसेंस और वाहन पंजीयन प्रमाण पत्र के निलंबन या निरस्तीकरण की कार्रवाई भी की जाए। शाहजहांपुर में बढ़ती दुर्घटनाओं को देखते हुए बरेली मोड़ से जलालाबाद तक राष्ट्रीय राजमार्ग पर बने सभी अवैध कटों का सर्वे कर उन्हें बंद कराने के निर्देश भी दिए गए।
सीतारगंज मार्ग, आवारा पशु और हाईवे सुरक्षा पर खास रणनीति

बैठक में एनएचएआई ने बताया कि शामली-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग प्रस्तावित होने की वजह से फिलहाल सीतारगंज मार्ग पर स्थायी सड़क सुधार संभव नहीं है। इस पर कमिश्नर भूपेंद्र एस. चौधरी ने कहा कि जब तक नया हाईवे निर्माण शुरू नहीं होता, तब तक इस मार्ग पर हादसे रोकने के लिए स्पीड लिमिट बोर्ड, चेतावनी संकेतक और अन्य जरूरी सुरक्षा उपाय लगाए जाएं तथा ओवरस्पीड वाहनों के खिलाफ नियमित कार्रवाई की जाए। बैठक में आवारा पशुओं से होने वाले हादसों पर भी गंभीर चर्चा हुई। एनएचएआई की ओर से बताया गया कि बरेली से सीतापुर तक करीब 160 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग पर 4 इंसिडेंट मैनेजर टीमें बनाई गई हैं और हर टीम के साथ 2-2 एनिमल कैचर तैनात किए गए हैं, जो सड़कों पर घूम रहे आवारा पशुओं को हटाने का काम करेंगे। कमिश्नर ने इस व्यवस्था का पूरा विवरण परिवहन अधिकारियों को देने और पंचायत विभाग के साथ समन्वय कर ग्रामीण क्षेत्रों में भी सड़क सुरक्षा योजना लागू करने के निर्देश दिए।
कांवड़ यात्रा और स्कूल वाहनों की सुरक्षा पर फोकस

आगामी कांवड़ यात्रा को देखकर कमिश्नर भूपेंद्र एस. चौधरी ने सभी विभागों को यात्रा मार्गों का पहले से निरीक्षण कर जरूरी तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो। इसके लिए ट्रैफिक मैनेजमेंट, सड़क मरम्मत, संकेतक बोर्ड, प्रकाश व्यवस्था, बैरिकेडिंग, चिकित्सा और आपातकालीन सेवाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं। वहीं बैठक में यह भी बताया गया कि 1 जुलाई से 15 जुलाई 2026 तक स्कूल वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान स्कूल वाहनों की फिटनेस, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाणपत्र, फायर एक्सटिंग्विशर, फर्स्ट एड बॉक्स, जीपीएस, सीसीटीवी कैमरा और स्पीड गवर्नर समेत सभी सुरक्षा मानकों की जांच की जा रही है। कमिश्नर ने साफ निर्देश दिए कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूल वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। बैठक के अंत में कमिश्नर ने सभी विभागों को 5E मॉडल यानी इंजीनियरिंग, एनफोर्समेंट, एजुकेशन, इमरजेंसी केयर और इवेल्यूएशन के आधार पर मिलकर काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल एक विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि सभी विभागों और आम जनता की साझा जिम्मेदारी है, और बेहतर समन्वय से ही सड़क हादसों और मौतों में कमी लाई जा सकती है।
