बहेड़ी के मलकपुर गांव में दर्दनाक घटना, जिला अस्पताल में चला ऑपरेशन, क्षेत्र में वर्षों से आवारा कुत्तों का आतंक बरकरार
बरेली : यूपी के बरेली देहात के बहेड़ी थाना क्षेत्र के गांव मलकपुर में शुक्रवार को पागल कुत्ते के हमले से पांच वर्षीय मासूम गंभीर रूप से घायल हो गई। कुत्ते ने बच्ची के चेहरे और गर्दन पर हमला कर उसे बुरी तरह नोच डाला। बच्ची को बचाने पहुंचे उसके पिता और गांव के दो अन्य लोगों को भी कुत्ते ने काटकर घायल कर दिया। गंभीर हालत में बच्ची को पहले बहेड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। यहां से उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, गांव मलकपुर गांव निवासी धर्मेंद्र कुमार की पांच वर्षीय पुत्री उपासना गंगवार घर से दूसरे घर जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में एक पागल कुत्ते ने अचानक उस पर हमला कर दिया। कुत्ते ने सबसे पहले बच्ची की गर्दन पर हमला किया और फिर उसके चेहरे को बुरी तरह नोच डाला।
कुत्ते के हमले से बच्ची घायल
बच्ची की चीख-पुकार सुनकर उसके पिता धर्मेंद्र कुमार और आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने डंडों तथा ईंट-पत्थरों की मदद से किसी तरह कुत्ते को भगाया, लेकिन इस दौरान कुत्ते ने धर्मेंद्र के पैर में भी काट लिया। दो अन्य ग्रामीण भी कुत्ते के हमले में घायल हो गए। घटना के बाद परिजन बच्ची को तत्काल बहेड़ी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत गंभीर देखते हुए डॉक्टरों ने जिला अस्पताल बरेली रेफर कर दिया। जिला अस्पताल की इमरजेंसी में पहुंचते ही जनरल सर्जन को बुलाया गया और बच्ची को तुरंत ऑपरेशन थिएटर में ले जाया गया। डॉक्टरों के अनुसार, बच्ची के चेहरे पर काफी गहरे घाव थे। घावों पर सात से आठ टांके लगाए गए हैं। संक्रमण और रेबीज से बचाव के लिए बच्ची को एंटी रेबीज सीरम (ARS) भी लगाया गया है। फिलहाल बच्ची का इलाज जारी है और उसकी हालत पर डॉक्टर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
एक दशक से आवारा कुत्तों का आतंक
बहेड़ी क्षेत्र में आवारा कुत्तों का आतंक कोई नई बात नहीं है।स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले करीब दस वर्षों में कुत्तों के हमलों में 12 से अधिक बच्चों की जान जा चुकी है, जबकि कई अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हुए हैं। पहले प्रशासन ने नेपाल से विशेष टीम बुलाकर आवारा कुत्तों की नसबंदी कराई थी और उन्हें अन्य क्षेत्रों में छोड़ा गया था, लेकिन इसके बावजूद समस्या पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी है। ग्रामीणों ने एक बार फिर प्रशासन से क्षेत्र में आवारा और हिंसक कुत्तों को पकड़ने तथा स्थायी समाधान के लिए प्रभावी अभियान चलाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटनाओं को रोका जा सके।
