IMA के करीब 8 प्रतिनिधियों के साथ BDA विकास संवाद, अस्पतालों के लिए भूखंड, सड़क की चौड़ाई, सेटबैक और जरूरी अनुमतियों पर हुई चर्चा
बरेली : बरेली विकास प्राधिकरण (BDA) ने चिकित्सा संस्थानों से जुड़े भवन निर्माण और विकास संबंधी मामलों को लेकर गुरुवार को ‘बीडीए विकास संवाद’ आयोजित किया। सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक आयोजित बैठक की अध्यक्षता बीडीए उपाध्यक्ष ने की। इसमें इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) के करीब 8 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया, जिनमें अध्यक्ष, सचिव और कोषाध्यक्ष समेत अन्य पदाधिकारी और सदस्य शामिल रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य चिकित्सा क्षेत्र के प्रतिनिधियों और प्राधिकरण के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना तथा अस्पताल, नर्सिंग होम और अन्य चिकित्सा संस्थानों से जुड़े मानचित्र अनुमोदन,भवन निर्माण और वैधानिक अनुपालनों को लेकर स्पष्टता प्रदान करना रहा।
अस्पताल-नर्सिंग होम के भूखंड और सड़क के प्रावधानों पर चर्चा
विकास संवाद में अलग-अलग भू-उपयोगों में नर्सिंग होम और अस्पतालों की अनुमन्यता को लेकर चर्चा हुई। इसके साथ ही जोनिंग विनियम, भूखंडों के उप-विभाजन (Sub-Division) और समामेलन (Amalgamation) से जुड़े प्रावधानों पर IMA प्रतिनिधियों के सवालों का निराकरण किया गया। बैठक की प्रस्तुति के अनुसार, चिकित्सा संस्थानों के लिए भूखंड के न्यूनतम क्षेत्रफल और सड़क की चौड़ाई के संबंध में भी प्रावधान बताए गए।नॉन-बेडेड मेडिकल एस्टैब्लिशमेंट के लिए न्यूनतम 100 वर्गमीटर भूखंड और 9 मीटर सड़क। 50 बेड तक के नर्सिंग होम/छोटे अस्पताल के लिए 300 वर्गमीटर भूखंड और 12 मीटर सड़क। 50 से अधिक बेड वाले अस्पतालों के लिए 3000 वर्गमीटर भूखंड और 18 मीटर सड़क का प्रावधान बताया गया। इसके अलावा भवन निर्माण, सेटबैक और अन्य विकास नियंत्रण संबंधी आवश्यकताओं की जानकारी भी चिकित्सा संघ के प्रतिनिधियों को दी गई।
फायर NOC से लेकर बायोमेडिकल वेस्ट तक चर्चा
बैठक में अस्पतालों और चिकित्सा संस्थानों से जुड़े कई महत्वपूर्ण अनुपालनों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। इनमें फायर NOC, ठोस एवं बायोमेडिकल वेस्ट मैनेजमेंट, STP/WWTP की कार्यशीलता और दिव्यांगजन समेत अन्य लोगों के लिए बाधारहित एवं सुरक्षित पहुंच जैसे विषय शामिल रहे। इसके साथ ही विमानन सुरक्षा से जुड़ी आवश्यकताओं तथा Completion Certificate और Occupation Certificate जैसे महत्वपूर्ण प्रमाण-पत्रों को लेकर भी जानकारी दी गई।
निर्माण से पहले ही नियमों का ध्यान रखने पर जोर
BDA उपाध्यक्ष ने चिकित्सा संघ के प्रतिनिधियों से कहा कि भवन और परियोजनाओं की योजना तैयार करते समय ही आवश्यक वैधानिक अनुपालनों को ध्यान में रखा जाए। आवेदन पूर्ण रूप से जरूरी अभिलेखों के साथ प्रस्तुत करने और अनिवार्य NOC व अन्य अनुमतियों के लिए समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। निर्माण पूरा होने के बाद Completion Certificate की प्रक्रिया समय से शुरू करने और आवश्यक प्रमाण-पत्र प्राप्त किए बिना कब्जा न देने के प्रावधानों का पालन सुनिश्चित करने की बात भी कही गई।
BDA बोला- संवाद से कम होगा अनावश्यक विलंब
BDA के मुताबिक ‘बीडीए विकास संवाद’ का उद्देश्य अलग-अलग हितधारकों के साथ सीधे संवाद स्थापित करना है, ताकि उनके प्रकरणों और समस्याओं को समझकर नियमानुसार समाधान उपलब्ध कराया जा सके। प्राधिकरण का कहना है कि ऐसे संवाद के माध्यम से विकास कार्यों और परियोजनाओं में होने वाले अनावश्यक विलंब को कम करने के साथ पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया को बढ़ावा दिया जाएगा।
