मुलताई से सिरडी लौट रहे आशीष बर्डे की बाइक के सामने अचानक आया 15-16 जंगली सुअरों का झुंड, हादसे में हाथ में आई गंभीर चोट
मुलताई: क्षेत्र में जंगली जानवरों से किसानों की फसलों और आम लोगों की सुरक्षा को लेकर किसान संघर्ष समिति ने वन विभाग से प्रभावी कार्रवाई की मांग की है। समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि जंगली सुअर, नीलगाय और बंदरों के कारण किसानों को लगातार नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। इसी बीच सड़क पर जंगली सुअरों के झुंड के अचानक आने से एक युवक हादसे का शिकार हो गया।
सड़क पर अचानक आ गया जंगली सुअरों का झुंड
किसान संघर्ष समिति के अनुसार समिति के पट्टन ब्लॉक उपाध्यक्ष और इलेक्ट्रिशियन आशीष बर्डे करीब 25 वर्ष के हैं। वह बुधवार शाम लगभग 6 बजे मुलताई से अपने गांव सिरडी लौट रहे थे। बताया गया कि आष्टा के हनुमान मंदिर के पास अचानक सड़क पर करीब 15 से 16 जंगली सुअरों का झुंड आ गया। सड़क पर अचानक जंगली सुअरों के आ जाने से आशीष बर्डे हादसे का शिकार हो गए।
हादसे में हाथ में आई गंभीर चोट
हादसे में आशीष बर्डे के हाथ में गंभीर चोट आई है। डॉ. सुनीलम के मुताबिक, संयोगवश उनके पीछे पुलिस का वाहन आ रहा था, जिसके कारण हादसे के बाद उन्हें समय पर मदद मिल सकी। उन्होंने बताया कि हेलमेट पहने होने के कारण आशीष के सिर में चोट नहीं आई। डॉ. सुनीलम ने कहा कि यदि मौके पर समय पर मदद नहीं मिलती तो जंगली सुअरों के हमले का खतरा भी हो सकता था।
फसलों को नुकसान पहुंचाने का आरोप
किसान संघर्ष समिति का कहना है कि क्षेत्र के किसान लंबे समय से जंगली सुअर, नीलगाय और बंदरों से परेशान हैं। समिति के अनुसार इन वन्यजीवों द्वारा बड़े पैमाने पर फसलों को नुकसान पहुंचाया जा रहा है। समिति का आरोप है कि जंगली सुअरों के हमले और वन्यजीवों से जुड़ी समस्याओं की शिकायत किसानों की ओर से लगातार की जाती रही है, लेकिन इसके बावजूद समस्या के समाधान के लिए प्रभावी अभियान नहीं चलाया गया।
वन विभाग से सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरण की मांग
डॉ. सुनीलम ने वन विभाग से मांग की है कि जंगली जानवरों से किसानों की फसलों और आम नागरिकों के जान-माल की सुरक्षा के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने जंगली सुअरों सहित अन्य समस्या पैदा कर रहे वन्यजीवों को पकड़कर सुरक्षित वन क्षेत्रों में स्थानांतरित करने के लिए अभियान चलाने की मांग की है। किसान संघर्ष समिति ने कहा है कि वन्यजीवों के कारण उत्पन्न हो रही समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है, ताकि किसानों की फसल और ग्रामीणों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
