498.35 किलो एसिटिक एनहाइड्राइड, दो वाहन और पांच मोबाइल बरामद, बदायूं के रास्ते पश्चिम बंगाल पहुंचाई जानी थी खेप, एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज
बरेली : उत्तर प्रदेश में मादक।पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) बरेली इकाई को बड़ी सफलता मिली है। टीम ने स्मैक (हेरोइन) बनाने में इस्तेमाल होने वाले 498.35 किलोग्राम एसिटिक एनहाइड्राइड (Acetic Anhydride) नामक प्रिकर्सर केमिकल के साथ चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह खेप हरियाणा के मेवात से लाई गई थी, और बदायूं के रास्ते पश्चिम बंगाल के एक बड़े तस्कर तक पहुंचाई जानी थी। कार्रवाई के दौरान एएनटीएफ ने दो वाहन, पांच मोबाइल फोन और 1,080 रुपये नकद भी बरामद किए हैं।इस मामले में थाना शाही में एनडीपीएस अधिनियम की संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर चारों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
हरियाणा के मेवात से लाया गया था केमिकल
एएनटीएफ बरेली इकाई के प्रभारी विकास यादव के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान बदायूं के सहसवान थाना क्षेत्र के गांव नदायल निवासी वासिद, अमरोहा के मंडी धनौरा थाना क्षेत्र के चक मुस्तफापुर निवासी जोगेश सिंह, डिडौली थाना क्षेत्र के हटऊआ निवासी तेजपाल सिंह और जोया की जाटव कॉलोनी निवासी अरुण कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे हरियाणा के मेवात से एसिटिक एनहाइड्राइड खरीदकर लाए थे। जोगेश सिंह और वासिद कार से मेवात गए थे, जबकि अरुण कुमार और तेजपाल सिंह पिकअप वाहन लेकर पहुंचे थे।केमिकल को पिकअप में लादकर बदायूं पहुंचाने की योजना थी, जहां से इसे पश्चिम बंगाल के एक बड़े तस्कर तक भेजा जाना था।
पूछताछ में सामने आया तस्करी नेटवर्क
एएनटीएफ की पूछताछ में जोगेश सिंह को गिरोह का सरगना बताया गया है।अधिकारियों के अनुसार उसने स्वीकार किया कि गिरोह लंबे समय से स्मैक बनाने में इस्तेमाल होने वाले प्रिकर्सर केमिकल की अवैध सप्लाई कर रहा था। इस कारोबार से होने वाले मुनाफे को सभी आरोपी आपस में बांटते थे।अब जांच एजेंसियां इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों, सप्लायर और खरीददारों की पहचान करने में जुटी हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इससे पहले इस गिरोह ने कितनी खेप अलग-अलग राज्यों में भेजी थी।
क्या है एसिटिक एनहाइड्राइड?
एसिटिक एनहाइड्राइड एक औद्योगिक रसायन है, जिसका वैध उपयोग कई उद्योगों में होता है। हालांकि, इसका इस्तेमाल हेरोइन (स्मैक) जैसे मादक पदार्थों के निर्माण में भी किया जा सकता है। इसी कारण इसकी खरीद, बिक्री और परिवहन पर कड़ी निगरानी रखी जाती है और अवैध उपयोग पर एनडीपीएस कानून के तहत सख्त कार्रवाई की जाती है।
टीम की जांच जारी
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 498.35 किलोग्राम एसिटिक एनहाइड्राइड, दो वाहन, पांच मोबाइल फोन और 1,080 रुपये नकद बरामद किए हैं। थाना शाही में एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर चारों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। एएनटीएफ का कहना है कि पूरे तस्करी नेटवर्क की जांच जारी है और इस मामले से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
