तेजस्वी मुख्यमंत्री, मुकेश साहनी उपमुख्यमंत्री- राजनीतिक संदेश का असर बढ़ा: तुषार गांधी
हाजीपुर (बिहार)/लखनऊ : ‘बदलो बिहार, बनाओ नई सरकार’ अभियान की चार चरणों में की गई राज्यव्यापी यात्रा का समापन गुरुवार यानी 30 अक्टूबर को बाबा भुइयां स्थान, पानापुर लंगा, हाजीपुर में हुआ। यह अभियान चंपारण से शुरू होकर 30 जिलों में जनसंपर्क और नागरिक संवाद के रूप में चला। समापन कार्यक्रम में ‘हम भारत के लोग’ के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुषार गांधी, कर्नाटक योजना आयोग के उपाध्यक्ष बी.आर. पाटिल, और किसान संघर्ष समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष व पूर्व विधायक डॉ. सुनीलम ने नागरिक सभाओं को संबोधित किया। कार्यक्रम का संचालन सामाजिक कार्यकर्ता अमूल्य निधि ने किया।

बिहार का भविष्य बदलने को परिवर्तन जरूरी : तुषार गांधी
तुषार गांधी ने कहा कि “बिहार का भविष्य बदलने के लिए राजनीतिक परिवर्तन जरूरी है। बदलाव के लिए केवल उम्मीदवार नहीं, बल्कि पार्टी और पूरे महागठबंधन को समर्थन दें।”उन्होंने कहा कि चंपारण से अब तक यात्रा के दौरान उन्होंने महागठबंधन को मजबूत और अधिक एकजुट होते देखा है। तेजस्वी यादव को मुख्यमंत्री और मुकेश साहनी को उपमुख्यमंत्री बनाने की घोषणा का जमीनी प्रभाव साफ दिखाई देने की बात भी उन्होंने कही। उन्होंने अपील की कि“महिलाएं बदलाव की सबसे बड़ी शक्ति बनें, और मतदाता 80% मतदान कर वोट चोरी की हर कोशिश को विफल करें।”
इंडिया गठबंधन सरकार बनने पर एमएसपी कानूनी गारंटी : डॉ. सुनीलम
डॉ. सुनीलम ने कहा “यदि महागठबंधन की सरकार बनती है तो किसानों के लिए एमएसपी की कानूनी गारंटी लागू होगी। उन्होंने कहा कि महागठबंधन ने अडानी को 1 रूपये में 1000 एकड़ भूमि देने का विरोध किया है और सरकार बनने पर भूमिहीन किसानों और जरूरतमंदों के लिए उस भूमि को पुनः आवंटित किए जाने की उम्मीद है। बी.आर. पाटिल ने कहा “बिहार के मतदाताओं को वोट चोरी रोकने के लिए हर कुर्बानी देने को तैयार रहना होगा।” उन्होंने कर्नाटक के आलंद में वोट चोरी के पकड़े जाने की घटनाओं का उदाहरण देते हुए सतर्कता की अपील की।
जनाधिकार और नागरिक समाज की एकजुटता
माइनॉरिटी राइट्स फेडरेशन के कार्यकारी अध्यक्ष रागिब अहमद शेख ने कहा कि “बिहार में नफरत की राजनीति की कोई जगह नहीं बननी चाहिए। इसलिए महागठबंधन की जीत आवश्यक है। अभियान संयोजक शाहिद कमाल ने कहा “अभियान सत्ता परिवर्तन तक ही नहीं, बल्कि वायदों की पूर्ति तक जारी रहेगा।”भारत जोड़ो अभियान के प्रवीर पीटर ने इसे गैर-मनुवादी, सेकुलर और समतावादी बिहार की दिशा में महत्वपूर्ण बताया।
