निजामाबाद से पांच बार विधायक रहे आलमबदी आजमी का 92 वर्ष की उम्र में निधन, सादगी और ईमानदार राजनीति के लिए थे प्रसिद्ध
आजमगढ़: समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और आजमगढ़ की निजामाबाद विधानसभा सीट से पांच बार विधायक रहे आलमबदी आजमी का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। उनके निधन से जिले ही नहीं बल्कि प्रदेश की राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है। सादगी, ईमानदारी और जनसेवा के लिए पहचाने जाने वाले आलमबदी आजमी को सभी दलों के नेता सम्मान की नजर से देखते थे।
आलमबदी आजमी अपनी सादगीपूर्ण जीवनशैली के लिए जाने जाते थे। विधायक बनने के बावजूद उन्होंने कभी सरकारी ठाठ-बाट या दिखावे को महत्व नहीं दिया। साधारण कुर्ता-पायजामा और सिर पर टोपी उनकी पहचान थी। कई बार वे रिक्शे से सफर करते और आम लोगों के बीच बैठकर चाय पीते नजर आते थे। उनकी यही सादगी जनता के बीच उन्हें बेहद लोकप्रिय बनाती थी।
क्षेत्र में सड़क या अन्य विकास कार्य होने पर वह स्वयं मौके पर पहुंचकर गुणवत्ता की जांच करते थे। यदि किसी निर्माण कार्य में कमी मिलती तो संबंधित ठेकेदार को फटकार लगाने से भी पीछे नहीं हटते थे। इसी वजह से उनके विधानसभा क्षेत्र में काम करने से कई ठेकेदार कतराते थे, लेकिन जनता उनके इस सख्त और ईमानदार रवैये की सराहना करती थी।
आलमबदी आजमी ने 1996 से 2007 तक लगातार निजामाबाद विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया और कुल पांच बार विधायक चुने गए। समाजवादी पार्टी में उनकी विशेष पहचान थी। पार्टी संस्थापक मुलायम सिंह यादव और राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी उनके अनुभव और सुझावों को महत्व देते थे।
16 मार्च 1934 को आजमगढ़ में जन्मे आलमबदी आजमी ने तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के बाद सार्वजनिक जीवन को चुना। उन्होंने अपना पूरा जीवन जनसेवा और क्षेत्र के विकास के लिए समर्पित किया। उनके परिवार में छह बच्चे हैं। उनके निधन को आजमगढ़ की राजनीति में एक युग के अंत के रूप में देखा जा रहा है।