अयोध्या। विश्व की आध्यात्मिक राजधानी अयोध्या आज एक बार फिर इतिहास के स्वर्णिम अध्याय में दर्ज हो गई, जब नव्य-भव्य राम मंदिर पर धर्म ध्वजा का शुभारंभ हुआ। अभिजीत मुहूर्त में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा ध्वजारोहण की इस दिव्य घड़ी को देखने के लिए अयोध्या नगरी ही नहीं, बल्कि पूरा देश टीवी स्क्रीन के सामने सांस थामकर खड़ा था। प्रधानमंत्री मोदी ने जैसे ही धर्म ध्वजा स्थापित की, रामनगरी ‘जय श्री राम’ के उद्घोष से गूंज उठी। इसके बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने परम भाव से पीएम मोदी और RSS सरसंघचालक मोहन भागवत सहित सभी संत महात्माओं और गणमान्यजनों का आभार व्यक्त किया।
अपने संबोधन की शुरुआत मुख्यमंत्री योगी ने श्रीरामचरितमानस की इन पावन पंक्तियों से की—‘आजु सफल तपु तीरथ त्यागू, आजु सुफल जप जोग बिरागू…’उन्होंने कहा कि अयोध्या में आज का यह ध्वजारोहण यज्ञ की समाप्ति नहीं, बल्कि रामराज्य की एक नई अध्याय का प्रारंभ है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यह भव्य राम मंदिर मात्र एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों की आस्था, आत्मगौरव और सांस्कृतिक स्वाभिमान का जीवंत प्रतीक है। उन्होंने मंदिर निर्माण में योगदान देने वाले सभी कर्मयोगियों, कारीगरों, संतों, योद्धाओं और उन लाखों रामभक्तों का अभिनंदन किया, जिन्होंने पांच सौ वर्षों के संघर्ष के बाद यह दिव्य क्षण देखा है।
सीएम योगी ने कहा कि “साम्राज्य बदले, सत्ता बदली, पीढ़ियाँ बदलीं… लेकिन श्रीराम के प्रति आस्था अडिग रही। जन-जन के विश्वास ने इस आंदोलन को शक्ति दी।” उन्होंने याद दिलाया कि जब आंदोलन का दायित्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के हाथों आया, तो पूरा राष्ट्र एक सुर में गूंजा—
“राम लला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे…
लाठी-गोली खाएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे!”
मुख्यमंत्री ने बताया कि एक समय अयोध्या संघर्ष, अराजकता और बदहाली के दौर से गुजर रही थी, लेकिन आज प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में यह नगरी सांस्कृतिक उत्थान की वैश्विक राजधानी बन चुकी है। उन्होंने कहा, “अयोध्या में अब हर दिन पर्व है, हर दिन उत्सव है।”
