अयोध्या : आज 9वां दीपोत्सव बड़े धूमधाम के साथ मनाया जा रहा है। इस मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रीराम मंदिर में दीप जलाकर दीपोत्सव की औपचारिक शुरुआत की। इसके बाद राम की पैड़ी पर भी दीपक जलाना शुरू हो गया। इस वर्ष दीपोत्सव में कुल 26,11,101 दीपक एक साथ जलाए गए, जिसे गिनने के लिए 1100 ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। राम की पैड़ी पर लेजर लाइट शो ने दीपों की रोशनी को और भव्य बना दिया, जिससे वहां उपस्थित श्रद्धालु मंत्रमुग्ध हो गए।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राम कथा पार्क में हेलिकॉप्टर से पहुंचे श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण का भव्य स्वागत किया। सीएम ने सभी का माल्यार्पण किया और फिर श्रीराम-सीता के रथ से उन्हें मंच तक ले जाकर तिलक लगाया। इसके बाद आरती की गई और राम राज्याभिषेक की परंपरा के अनुसार विधि संपन्न हुई।
दीपोत्सव के मौके पर साकेत महाविद्यालय से कुल 22 झांकियों और शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जो लगभग तीन किलोमीटर तक फैली। इन झांकियों में सात झांकियां रामायण के विभिन्न कांडों पर आधारित थीं, जबकि बाकी झांकियों में महाकुंभ, महिला शक्ति और उत्तर प्रदेश सरकार की प्रमुख योजनाओं को प्रदर्शित किया गया। श्रद्धालुओं ने झांकियों का आनंद लिया और रौशनी और रंग-बिरंगी झांकियों के माध्यम से सांस्कृतिक समृद्धि का अनुभव किया।
इस वर्ष दीपोत्सव में असम से मां काली के रौद्र रूप में कलाकार ने विशेष प्रदर्शन किया। उन्होंने सड़क पर आग के गोलों में नृत्य करते हुए अपनी अद्भुत कला दिखाई। मुकुट से निकलती आग की लपटों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया और इस प्रदर्शन ने दीपोत्सव की भव्यता को और बढ़ा दिया।
9वें दीपोत्सव पर तीन विश्व रिकॉर्ड बनाए जाने की योजना है। पहला, शाम को 26,11,101 दीपक एक साथ जलाए गए। दूसरा, सरयू तट पर 2100 अर्चक महाआरती करेंगे। तीसरा, 1100 ड्रोन के माध्यम से एक विशेष शो प्रस्तुत किया जाएगा। इन प्रयासों से अयोध्या में दीपोत्सव का आयोजन न केवल भव्य और सांस्कृतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण बना, बल्कि विश्व स्तर पर भी अपनी पहचान बना रहा है।
दीपोत्सव की भव्यता, श्रद्धालुओं की भागीदारी और सांस्कृतिक झांकियों ने अयोध्या को एक बार फिर आध्यात्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में स्थापित किया। इस भव्य आयोजन ने यह संदेश दिया कि परंपरा और आध्यात्मिकता के साथ-साथ आधुनिक तकनीक का संगम भी संभव है, जिससे समृद्धि और आस्था दोनों का अनुभव होता है।
