एसपी चीफ का दावा- यूपी से निकलेगा बदलाव का रास्ता, 2027 में सपा सरकार बनाने का आह्वान
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि भाजपा राजनीतिक दल नहीं बल्कि “गैंग” की तरह काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की राजनीति चालाकी, नफरत और सत्ता के दुरुपयोग पर आधारित है।शुक्रवार को पार्टी के राज्य मुख्यालय, लखनऊ में आयोजित समाजवादी पार्टी इंटलेक्चुअल फोरम की बैठक में उन्होंने कहा कि भाजपा के कारण देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था कमजोर हो रही है। नई पीढ़ी को अंधेरे में धकेला जा रहा है और शिक्षा व स्वास्थ्य व्यवस्था बदहाल है।

10 साल का नतीजा सिफर, बेरोजगारी, महंगाई और भ्रष्टाचार पर सवाल
सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार के दस वर्षों का परिणाम “सिफर” है। बेरोजगारी और महंगाई चरम पर है तथा युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा के नाम पर लूट मची है और भ्रष्टाचार बढ़ा है। उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान सरकार “विदाई पर्यटन” में व्यस्त है और हाल में हो रहे एमओयू के भविष्य पर सवाल उठाया।
2027 में सपा सरकार बनाने का आह्वान
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने कहा कि 2027 में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनाना जरूरी है, ताकि समाज को साम्प्रदायिकता और नफरत से दूर रखा जा सके। उन्होंने समाजवादी विचारधारा को प्रगतिशील, सकारात्मक और सामाजिक न्याय का रास्ता बताया। बैठक में मौजूद बुद्धिजीवियों और शिक्षाविदों ने सपा नेतृत्व में भरोसा जताते हुए 2027 में अखिलेश यादव को प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाने का संकल्प लिया।इंटलेक्चुअल फोरम के सदस्यों ने कहा कि सपा सरकार के दौरान लैपटॉप वितरण और कन्याविद्या धन जैसी योजनाओं से छात्रों और युवाओं को लाभ मिला। बैठक में प्रदेश प्रभारी प्रो. शैलेन्द्र कुमार श्रीवास्तव समेत कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
सत्य के साथ हैं केजरीवाल- अखिलेश यादव का भाजपा पर तीखा वार
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के समर्थन में बयान जारी करते हुए कहा कि “सत्य और न्याय उनके साथ खड़े हैं।” उन्होंने कहा कि कोई भी आरोप इतना बड़ा नहीं हो सकता, जो सच को ढक दे। उन्होंने भाजपा पर दिल्ली की जनता से विश्वासघात का आरोप लगाया। सपा अध्यक्ष ने यह भी कहा कि भाजपा विरोधियों को बदनाम करने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है।उन्होंने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए भाजपा की विचारधारा पर भी सवाल उठाए और इसे “नैतिक मृत्युदंड” जैसा बताया। यह बयान ऐसे समय आया है जब दिल्ली की राजनीति में पूर्व मुख्यमंत्री के खिलाफ मामलों को लेकर सियासी बहस तेज है।
