एसपी चीफ बोले- नाम बदलने वालों का बंगाल में खुद बदल गया नाम, सीमा राजभर बनीं महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष
लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने महिला आरक्षण और डिलीमिटेशन को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा, “ये हक, अधिकार और आरक्षण नहीं देना चाहते, इसलिए महिला आरक्षण के बहाने चुपचाप डिलीमिटेशन कराना चाहते थे।”सपा प्रमुख ने भीषण गर्मी के बीच हो रही पदयात्रा को लेकर एक तंज कसा। उन्होंने कहा कि “सुना है पदयात्रा हो रही थी लखनऊ में और इतनी भीषण गर्मी में कोई काला चश्मा नहीं लगाए… ये प्रैक्टिस है कि विपक्ष में ऐसे ही आंदोलन करना पड़ेगा।” ‘संघर्ष के लिए खुद को तैयार कर रहा है, कि कैसे विपक्ष में रहना है।विपक्ष में रहते हुए जमीनी स्तर पर संघर्ष करना पड़ता है और इस तरह की पदयात्राएं उसी तैयारी का हिस्सा हैं। इसके साथ ही सीमा राजभर को महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गई।
सामाजिक न्याय की लड़ाई से बनेगी सरकार
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने पार्टी में बढ़ती भागीदारी और PDA (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं, और यह संघर्ष सपा को मजबूत बना रहा है। उन्होंने दावा किया कि इतिहास में पहली बार PDA एकजुट होकर एक दल को हराने जा रहा है और सामाजिक न्याय की स्थापना के लिए सरकार बनाएगा। उन्होंने महिला आरक्षण का समर्थन करते हुए भाजपा पर आरोप लगाया कि वह आरक्षण और जातीय जनगणना से बचना चाहती है। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि आने वाले समय में भाजपा चुनाव हारेगी और दोबारा सत्ता में नहीं आएगी।
भाजपा जाएगी तो लौटेगी नहीं, कई दलों के नेता सपा में शामिल
सपा मुख्यालय पर मंगलवार को कई दलों के नेताओं ने समाजवादी पार्टी का दामन थामा। हरदोई के भाजपा के बागी प्रत्याशी अखिलेश पाठक समेत कई नेताओं को पार्टी में शामिल कराते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार रोजगार देने में विफल है और छोटे व्यापारियों पर दबाव बनाया जा रहा है। इस मौके पर सीमा राजभर को समाजवादी महिला सभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष घोषित किया गया, जिसे पार्टी के संगठनात्मक विस्तार के तौर पर देखा जा रहा है।
लाल रंग आस्था और परंपरा का प्रतीक
भाजपा नेता अपर्णा यादव द्वारा प्रदर्शन के दौरान सपा और कांग्रेस के झंडे जलाने के बाद उत्तर प्रदेश की राजनीति गरमा गई है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए एसपी चीफ अखिलेश यादव ने कहा कि लाल रंग केवल राजनीति नहीं, बल्कि आस्था और परंपरा का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि यह रंग क्रांति,देवी-देवताओं और शादी-ब्याह की परंपराओं से जुड़ा है, इसलिए किसी की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचानी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने महिला आरक्षण और ‘आधी आबादी’ के अधिकारों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि समाज के हर वर्ग की महिलाओं को समान हक और सम्मान मिलना चाहिए।
सपा में शामिल होते ही बसपा नेता को मिली बड़ी जिम्मेदारी
यूपी में विधानसभा चुनाव 2027 से पहले हलचल तेज हो गई है। सपा प्रमुख ने बसपा से आए एमएच खान को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ही पार्टी का प्रवक्ता घोषित कर दिया। उन्होंने कहा कि अब एमएच खान टीवी और मीडिया में पार्टी का पक्ष रखेंगे।
चाय पिलाने वाले की दुकान बंद करा दी गई
इस दौरान अखिलेश यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक युवक ने उन्हें चाय पिलाई, लेकिन बाद में उसकी दुकान ही बंद करा दी गई। उन्होंने इसे लोकतंत्र के लिए चिंताजनक बताया।
नाम बदलने वालों का खुद बदल गया नाम
एसपी चीफ ने विरोधियों पर तंज कसते हुए कहा, “जो दूसरों का नाम बदलते थे, उनका ही नाम बंगाल जाते-जाते बदल गया।” उनके इस बयान को राजनीतिक कटाक्ष के तौर पर देखा जा रहा है। जिसमें उन्होंने नाम बदलने की राजनीति पर निशाना साधा।
प्राइमरी शिक्षा पर अखिलेश यादव का फोकस-सपा सरकार में होगा बड़ा सुधार
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्राथमिक शिक्षा को लेकर बड़ा वादा किया है। उन्होंने कहा कि समाजवादी सरकार बनने पर प्राइमरी एजुकेशन को बेहतर बनाया जाएगा।
