उर्दू विरोधी हिंदुस्तानियत के खिलाफ, SIR BJP की साजिश, नाम बदलने की राजनीति पर सपा प्रमुख का बड़ा हमला-
महात्मा गांधी, उर्दू भाषा, SIR, मनरेगा और यूपी सरकार को लेकर पूर्व सीएम के तीखे बयान
नई दिल्ली : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर एक के बाद एक तीखे हमले किए हैं। संसद परिसर में विपक्षी दलों के साथ प्रदर्शन के दौरान मीडिया से बात करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि “जो लोग उर्दू के खिलाफ हैं, वे दरअसल हिंदुस्तानियत के खिलाफ हैं। सबसे बड़ा विरोधाभास यह है कि उर्दू की खिलाफत भी उर्दू में ही की जाती है।” उन्होंने कहा कि उर्दू किसी धर्म की नहीं, बल्कि भारत की साझा विरासत है और इसके खिलाफ बोलना देश की गंगा-जमुनी तहजीब पर हमला है।
SIR को बताया भाजपा की साजिश
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि “SIR भारतीय जनता पार्टी की सोची -समझी रणनीति और षड्यंत्र है। वोट बनाने के लिए प्रक्रिया होनी चाहिए, न कि वोट कटवाने के लिए।”उन्होंने कहा कि पहले दूसरों के वोट कटवाने की कोशिश की गई और अब खुद मुख्यमंत्री कह रहे हैं कि चार करोड़ वोट कट गए, जो इस प्रक्रिया की विफलता और साजिश को उजागर करता है।
महिलाओं और निजता पर भी जताई चिंता
पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने महिलाओं के सम्मान और निजता के मुद्दे पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि “किसी महिला का दामन या हिजाब खींचना गलत और खतरनाक है। यह निजता का उल्लंघन है और इसका असर नीचे तक प्रशासन पर पड़ता है।”उन्होंने कहा कि अगर मुख्यमंत्री स्तर पर इस तरह का आचरण होगा, तो आम महिला न्याय और सुरक्षा के लिए किससे गुहार लगाएगी।
महात्मा गांधी और नाम बदलने की राजनीति पर हमला
मनरेगा योजना का नाम बदले जाने के विरोध में अखिलेश यादव ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि “राष्ट्रपिता महात्मा गांधी ने देश की आत्मा को जगाया और आज़ादी दिलाने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई। भाजपा के पास कोई नया काम नहीं है, इसलिए वह पुरानी योजनाओं के नाम बदल रही है।”उन्होंने कहा कि नाम बदलने से किसान, मजदूर और गरीब को कोई फायदा नहीं होता। सरकार बताए कि मनरेगा में काम के दिन 200 या 250 क्यों नहीं बढ़ाए जा रहे।
‘डबल इंजन सरकार आपस में टकरा रही’
उन्होंने कहा कि“डबल इंजन सरकार साथ-साथ नहीं चल रही, बल्कि एक-दूसरे से टकरा रही है।”उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में सबसे ज्यादा जातिगत भेदभाव हो रहा है और सरकार संविधान के अनुसार नहीं चल रही।
‘अब बाबा नहीं कहेंगे’ बयान से सियासत गरमाई
सीएम योगी आदित्यनाथ पर तंज कसते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि“आज से संकल्प लेते हैं कि उन्हें बाबा या योगी नहीं कहेंगे, जो उनका नाम होगा वही कहेंगे।”उन्होंने कहा कि यूपी में अगर कोई कम्युनल भाषा बोलेगा, तो प्रदेश की जनता उसे स्वीकार नहीं करेगी, जैसा संदेश अयोध्या की जनता ने भी दिया है।
गरीब महिलाओं के लिए बड़ा वादा
अखिलेश यादव ने घोषणा करते हुए कहा कि “समाजवादी सरकार बनने पर उत्तर प्रदेश की गरीब परिवारों की महिलाओं को सालाना 40 हजार रुपये दिए जाएंगे।”उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी अब जीतना सीख चुकी है और आने वाले चुनावों में जनता के समर्थन से सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि “जब भाजपा कमजोर होती है, तब वह ज्यादा धार्मिक और कम्युनल राजनीति करती है। नाम बदलने और नफरत की राजनीति ज्यादा दिन नहीं चलेगी।”उन्होंने भरोसा जताया कि समाजवादी गठबंधन को मजबूत किया जाएगा और जनता को जोड़ने की राजनीति की जाएगी।
यूपी में भ्रष्टाचार चरम पर, भाजपा पर घोटाले और नकारात्मक राजनीति का आरोप
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने यूपी में भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि कफ सिरप घोटाला में कई लोगों की मौत हुई, लेकिन आरोपी सरकार के सजातीय होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों में माफियाओं का डर है। भाजपा पर हमला करते हुए उन्होंने कहा कि पार्टी महापुरुषों और भगवानों का सम्मान नहीं करती, केवल नारे और स्लोगन तक सीमित है। आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर अखिलेश यादव ने कहा कि इंडिया गठबंधन मजबूत है और भाजपा को सत्ता से हटाया जाएगा।
सपा मनाएगी चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती ‘किसान दिवस’ के रूप में
सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के निर्देशानुसार पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की 123वीं जयंती 23 दिसंबर 2025 को पूरे प्रदेश में ‘किसान दिवस’ के रूप में मनाई जाएगी। इस अवसर पर सभी जिला और महानगर कार्यालयों में कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिसमें चौधरी साहब के जीवन और उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता में आने के बाद किसानों पर संकट बढ़ गया है। बढ़ती महंगाई, फसल लागत और MSP की कानूनी गारंटी न मिलने जैसी समस्याओं के कारण किसानों की परेशानियां बढ़ रही हैं। चौधरी साहब ने कृषि और औद्योगिक प्रगति को एक-दूसरे का पूरक माना और किसानों के लिए आरक्षण एवं आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में काम किया।
