सपा का आरोप- FCRA बिल से एनजीओ और अल्पसंख्यक संस्थाओं पर बनेगा दबाव, विपक्ष बोला- सरकार सवालों से भाग रही, अयोध्या, छात्रों और सीमाओं का मुद्दा भी उठाया
नई दिल्ली/लखनऊ : समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार पर कई मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। संसद परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी परिसीमन (Delimitation) बिल और एफसीआरए (FCRA) बिल का विरोध कर रही है। उनका आरोप है कि सरकार इन कानूनों के जरिए संस्थाओं पर दबाव बनाने और उन्हें डराने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि जो संस्थाएं समाजहित में कार्य कर रही हैं और विदेश से वैध रूप से सहायता प्राप्त करती हैं। उन्हें एफसीआरए कानून के जरिए परेशान किया जाएगा। अखिलेश यादव ने भाजपा पर गंभीर राजनीतिक आरोप लगाते हुए कहा कि “भाजपा बहुत बड़ी भूमाफिया पार्टी है।” उन्होंने दावा किया कि उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर जमीनों पर अवैध कब्जे हो रहे हैं और अयोध्या में जमीनों की खरीद-फरोख्त में अनियमितताएं हुई हैं। उन्होंने कहा कि सरकार को इस पूरे मामले पर जवाब देना चाहिए।
सरकार सवालों से भाग रही है..
सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की जिम्मेदारी सरकार से सवाल पूछना है, लेकिन मौजूदा सरकार जवाब देने से बच रही है। उन्होंने दिल्ली और प्रयागराज में छात्रों से जुड़े घटनाक्रम का उल्लेख करते हुए कहा कि छात्रों पर कार्रवाई हुई, मुकदमे दर्ज किए गए और सरकार अपने वादों से पीछे हट गई।
FCRA और काले धन पर उठाए सवाल

सपा अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा ने सत्ता में आने से पहले काला धन वापस लाने और देश का पैसा विदेश नहीं जाने देने का वादा किया था, लेकिन कई लोग बैंकों का पैसा लेकर विदेश चले गए।उन्होंने सवाल किया कि सरकार ऐसे मामलों में क्या कार्रवाई कर रही है। उनके अनुसार, सरकार बाहर से आने वाले धन पर नियंत्रण की बात करती है, लेकिन देश से बाहर जाने वाले धन पर प्रभावी रोक नहीं लगा पा रही है।
भाजपा बहुत बड़ी भूमाफिया पार्टी- अखिलेश यादव

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाएं बदलने के लिए परिसीमन बिल ला रही है, लेकिन उसे देश की सीमाओं की सुरक्षा और वर्तमान स्थिति पर भी जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकार को बताना चाहिए कि वर्ष 2014 की तुलना में वर्तमान में देश की सीमाओं की स्थिति क्या है।
ममता बनर्जी पर हमले की निंदा
पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर हुए कथित हमले को लेकर अखिलेश यादव ने इसे बेहद दुखद बताया। उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी वरिष्ठ नेता हैं और उन्हें पूरी सुरक्षा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल या सरकार को किसी वरिष्ठ नेता का अपमान नहीं करना चाहिए।
डिंपल यादव ने भी सरकार पर साधा निशाना

मैनपुरी से सांसद डिंपल यादव ने भी एफसीआरए बिल का विरोध करते हुए आरोप लगाया कि सरकार इसके जरिए एनजीओ और अल्पसंख्यक संस्थाओं पर दबाव बनाना चाहती है। उन्होंने सरकार से पूछा कि आरएसएस पंजीकृत संगठन है या नहीं और उसके संचालन के लिए धन कहां से आता है। उन्होंने अयोध्या में चढ़ावा चोरी और जमीन खरीद से जुड़े मामलों पर भी सरकार से स्पष्टीकरण की मांग की। डिंपल यादव ने कहा कि मुख्यमंत्री ने पहले “दूध का दूध और पानी का पानी” करने की बात कही थी, इसलिए सरकार को पूरे मामले पर सदन और जनता के सामने जवाब देना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष चाहता है कि केंद्रीय गृह मंत्री संसद में आकर दिल्ली में छात्रों से जुड़े घटनाक्रम और अयोध्या प्रकरण पर अपना पक्ष रखें।।
रिपोर्ट : मुहम्मद साजिद
