श्रीकाकुलम (आंध्र प्रदेश)। आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले के काशीबुग्गा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में शनिवार को एकादशी के अवसर पर भारी भीड़ के कारण मची भगदड़ ने भयावह रूप ले लिया। हादसे में 10 श्रद्धालुओं की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। इस दर्दनाक घटना के बाद पूरे राज्य में शोक की लहर दौड़ गई है।
राज्यपाल और मुख्यमंत्री ने जताया शोक
आंध्र प्रदेश के राज्यपाल एस. अब्दुल नजीर ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट करते हुए जिला प्रशासन को घायलों के समुचित इलाज के निर्देश दिए। राज्यपाल ने कहा, “यह अत्यंत दुखद और हृदयविदारक घटना है, जिससे पूरा राज्य व्यथित है।”
मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने भी अपने बयान में इस घटना को “दुर्भाग्यपूर्ण और पीड़ादायक” बताया। उन्होंने कहा कि “श्रीकाकुलम के काशीबुग्गा मंदिर में श्रद्धालुओं की मृत्यु अत्यंत दुखद है। राज्य सरकार मृतकों के परिजनों के साथ है।”
नायडू ने प्रशासन को घायलों के लिए तत्काल और सर्वोत्तम चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उन्होंने राहत एवं बचाव कार्यों की निगरानी के लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी लगाया है।
प्रधानमंत्री मोदी ने जताई संवेदना, राहत राशि की घोषणा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा—
“वेंकटेश्वर स्वामी मंदिर में हुई भगदड़ की खबर से अत्यंत व्यथित हूं। जिन परिवारों ने अपने प्रियजन खोए हैं, उनके प्रति मेरी संवेदनाएं हैं। ईश्वर से प्रार्थना है कि घायल श्रद्धालु शीघ्र स्वस्थ हों।”
प्रधानमंत्री ने पीएम राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को ₹2-2 लाख और घायलों को ₹50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
अमित शाह, पवन कल्याण और जगन मोहन रेड्डी ने भी जताया दुख
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घटना को “अत्यंत दर्दनाक” बताया और पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार हर संभव सहायता देने को तैयार है।
आंध्र प्रदेश के उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण ने कहा कि भगवान वेंकटेश्वर के दर्शन के लिए उमड़ी भीड़ में एक बच्चे समेत नौ लोगों की जान जाना अत्यंत दुखद है। उन्होंने कहा कि सरकार घायलों के इलाज के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रही है और मृतकों के परिजनों को पूरी सहायता दी जाएगी। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि भविष्य में धार्मिक अवसरों पर भीड़ नियंत्रण की सख्त व्यवस्था की जाए।
पूर्व मुख्यमंत्री वाई.एस. जगन मोहन रेड्डी ने भी घटना पर दुख जताते हुए वर्तमान सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “तिरुपति और सिंहाचलम जैसे मंदिरों में पहले भी ऐसी घटनाएं हुईं, लेकिन सुरक्षा प्रबंधों में सुधार नहीं हुआ। यह सरकार की नाकामी को दर्शाता है।”
राज्य में शोक, सुरक्षा इंतजाम पर सवाल
हादसे के बाद पूरे श्रीकाकुलम जिले में शोक की लहर है। मंदिर परिसर को खाली करवा लिया गया है और प्रशासन ने घटना की मैजिस्ट्रियल जांच के आदेश दिए हैं। भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय प्रशासन के कामकाज पर सवाल उठने लगे हैं।
