बरेली: जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में निर्वाचक नामावलियों के विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर राजनीतिक दलों के साथ बैठक हुई। यह अभियान 4 नवंबर से 4 दिसंबर 2025 तक चलेगा। इस दौरान बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन करेंगे ताकि किसी पात्र नागरिक का नाम छूट न जाए और अपात्र नाम हटाए जा सकें।

2003 की सूची वाले मतदाताओं को नहीं देने होंगे दस्तावेज
अविनाश सिंह ने बताया कि जिन मतदाताओं के नाम वर्ष 2003 की सूची में पहले से शामिल हैं, उन्हें कोई दस्तावेज देने की आवश्यकता नहीं होगी। बाकी नागरिकों को जन्म, निवास या पहचान प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा।
12 राज्यों में एक साथ शुरू हुआ अभियान

भारत निर्वाचन आयोग ने यह विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया देश के 12 राज्यों में शुरू करने का निर्णय लिया है। आयोग के निर्देश के अनुसार किसी भी मतदान केंद्र पर 1200 से अधिक मतदाता नहीं होंगे। इस अवधि में मतदान स्थलों का सत्यापन और पुनर्गठन भी किया जाएगा।
राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील
निर्वाचन विभाग ने सभी राजनीतिक दलों से सहयोग की अपील की है। प्रत्येक पार्टी अपने बूथ लेवल एजेंट (BLA) नियुक्त करेगी, जो बीएलओ के साथ मिलकर मतदाता सूची में सुधार का काम करेंगे। बीएलए रोजाना 50 फॉर्म तक भरकर जमा कर सकते हैं।
मतदाता पुनरीक्षण की पूरी समय-सारिणी
28 अक्टूबर से 3 नवंबर तक प्रशिक्षण और तैयारी का कार्य
4 नवंबर से 4 दिसंबर तक घर-घर सर्वे
9 दिसंबर को प्रारंभिक मतदाता सूची का प्रकाशन
9 दिसंबर से 8 जनवरी तक दावे और आपत्तियां
7 फरवरी 2026 को अंतिम मतदाता सूची का प्रकाशन
दो जगह नाम पाए जाने पर एक सूची से हटाया जाएगा नाम
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि किसी भी व्यक्ति का नाम दो अलग-अलग क्षेत्रों की मतदाता सूची में नहीं रह सकता। अगर कोई व्यक्ति शहर में बस गया है तो उसे ग्रामीण क्षेत्र की सूची से नाम हटवाना होगा।
बैठक में अफसरों और दलों की मौजूदगी
बैठक में अपर जिलाधिकारी संतोष कुमार सिंह, नगर मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री, सभी एसडीएम और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
