इलाहाबाद/बरेली: बरेली में 26 सितंबर को हुई हिंसा के दो मुख्य आरोपी नदीम खान और बबलू खान को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। बुधवार को जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस राम मनोहर नारायण मिश्रा की डबल बेंच ने दोनों की गिरफ्तारी पर चार्जशीट दाखिल होने तक अंतरिम रोक लगा दी है। अदालत ने यह भी निर्देश दिया है कि आरोपी जांच में पूरा सहयोग करें, अन्यथा राहत स्वतः समाप्त हो जाएगी।
गिरफ्तारी पर रोक लेकिन जांच में सहयोग जरूरी
हाईकोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि पुलिस चार्जशीट दाखिल होने तक दोनों आरोपियों को गिरफ्तार नहीं करेगी, लेकिन उन्हें जांच में बाधा नहीं डालनी होगी। कोर्ट ने साफ किया कि अगर जांच में रुकावट डाली गई या सहयोग नहीं किया गया तो यह राहत स्वतः निरस्त हो जाएगी।
26 सितंबर की बरेली हिंसा से जुड़ा मामला
गौरतलब है कि 26 सितंबर को बरेली में हुई हिंसा के दौरान कई जगहों पर पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं हुई थीं। इस मामले में बारादरी थाना पुलिस ने नदीम खान और बबलू खान समेत कई लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की थी। पुलिस का आरोप है कि दोनों भाइयों ने बरेली में हुए बवाल की साजिश रची और भीड़ को भड़काने में भूमिका निभाई थी।
एफआईआर रद्द करने की मांग पर अगली सुनवाई
नदीम और बबलू खान की ओर से दाखिल याचिका में एफआईआर रद्द करने की भी मांग की गई थी। अदालत ने इस पर कोई फैसला नहीं दिया है, लेकिन राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख तय की है, तब तक दोनों को गिरफ्तारी से अंतरिम राहत जारी रहेगी।
बरेली पुलिस की प्रतिक्रिया
उधर, बरेली पुलिस ने कहा है कि हाईकोर्ट के आदेश का पूरा सम्मान किया जाएगा, लेकिन जांच अपने स्तर पर जारी रहेगी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, घटना से संबंधित चार्जशीट जल्द ही अदालत में दाखिल की जाएगी ताकि आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू की जा सके।
