मुन्नी देवी और शिवम के परिजन।
बरेली: भैया दूज के पावन त्योहार पर बरेली में तीन अलग-अलग सड़क हादसों ने कई परिवारों की खुशियाँ मातम में बदल दीं। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई दुर्घटनाओं में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि कई गंभीर रूप से घायल हुए।
मेरठ से लौटते युवक की मौत
थाना किला क्षेत्र के मलूकपुर कासगान निवासी रजत साहू की मीरगंज फ्लाईओवर के पास सड़क हादसे में मौत हो गई। रजत अपनी बहन मोनिका के घर मेरठ में भैया दूज का त्योहार मनाकर देर रात बाइक से घर लौट रहा था। इसी दौरान तेज रफ्तार बस ने उसकी बाइक को साइड से टक्कर मार दी। हादसे में रजत की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और बस की तलाश शुरू कर दी है।

रजत की डेढ़ साल पहले शादी हुई थी और उसका दो माह का एक बच्चा है। वह एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता था और परिवार का मुख्य सहारा था। हादसे की खबर मिलते ही घर में कोहराम मच गया।
बहेड़ी में ट्रक ने मारी टक्कर, महिला और बच्चे की मौत
दूसरा हादसा थाना बहेड़ी क्षेत्र के गांव पीपलसाना नानकारा में हुआ, जहां भैया दूज से लौटते समय एक तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक को टक्कर मार दी। हादसे में मुन्नी देवी और शिवम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कन्हैयालाल दामन गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों लोग रामपुरा पीलीभीत से त्योहार मनाकर घर लौट रहे थे। पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और घायल को अस्पताल में भर्ती कराया है। इस दर्दनाक हादसे से गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
नई बाइक पर जा रहे युवक की भी मौत
तीसरा हादसा थाना बारादरी क्षेत्र के नवादा शेखन निवासी अभिषेक सागर के साथ हुआ। भैया दूज के दिन अभिषेक अपनी मां को ननिहाल छोड़कर बाइक से लौट रहा था, तभी फरीदपुर थाना क्षेत्र के कंजा मोड़ के पास रॉन्ग साइड से आ रही बाइक ने टक्कर मार दी। अभिषेक को गंभीर हालत में जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। दिवाली से कुछ दिन पहले ही उसने नई बाइक खरीदी थी, लेकिन त्योहार की खुशियाँ मातम में बदल गईं। पोस्टमार्टम हाउस पर उसकी मां मुन्नी देवी और पिता राजपाल सागर का रो-रोकर बुरा हाल था।

त्योहार पर सड़क सुरक्षा पर उठे सवाल
तीनों हादसों ने एक बार फिर सवाल खड़ा किया है कि त्योहारों के दौरान सड़कों पर तेज रफ्तार और लापरवाही कितनी खतरनाक साबित हो सकती है। भैया दूज की खुशियाँ कुछ परिवारों के लिए कभी न मिटने वाला दर्द बन गईं।
