हनुमानगढ़ी और रामलला के दर्शन के बाद वाल्मिकी व निषाद समाज के बीच बिताया समय
अयोध्या। दीपोत्सव के भव्य आयोजन के अगले दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सरयू अतिथि गृह से दिन की शुरुआत की। वे सीधे हनुमानगढ़ी पहुंचे, जहां उन्होंने हनुमानजी के दर्शन किए। इसके बाद उन्होंने रामलला के दर्शन कर राष्ट्र और प्रदेश की खुशहाली की कामना की।
वाल्मिकी समाज के साथ मनाई दिवाली, निषाद बस्ती में भी पहुंचे सीएम योगी
रामलला के दर्शन के बाद मुख्यमंत्री योगी वाल्मिकी समाज के लोगों से मिलने पहुंचे, जहां उन्होंने उनके साथ दिवाली मनाई और उपहार वितरित किए। इसके बाद वे कंधरपुर की निषाद बस्ती पहुंचे, जहाँ उन्होंने निषाद समाज के लोगों से मुलाकात की और उन्हें विशेष तौर पर उनके कार्यों के लिए बधाई दी। सीएम ने कहा कि समाज के हर वर्ग की भागीदारी से ही “रामराज्य” की परिकल्पना साकार होगी।
संतों से की भेंट, सफाईकर्मियों और नाविकों संग साझा किया दीपोत्सव का आनंद
मुख्यमंत्री ने आगे दिगंबर अखाड़ा बड़ा भक्तमाल और मणिरामदास छावनी में संतों से भेंट की। कारसेवकपुरम में उन्होंने संत-धर्माचार्यों के साथ जलपान किया और संवाद किया। इसके बाद सीएम योगी रामकथा पार्क पहुंचे, जहाँ उन्होंने सफाई कर्मचारियों और नाविकों के बीच समय बिताया और मिठाई वितरित की। उन्होंने कहा कि अयोध्या की स्वच्छता और सुंदरता का श्रेय इन कर्मयोगियों को जाता है।
रामनगरी ने तोड़ा अपना ही विश्व रिकॉर्ड, 29.25 लाख दीपों से जगमगाई अयोध्या
दीपोत्सव के नौवें संस्करण में अयोध्या ने एक बार फिर इतिहास रच दिया। भगवान राम के अयोध्या आगमन की स्मृति में राम की पैड़ी के 56 घाटों पर 29 लाख 25 हजार 051 दीप प्रज्ज्वलित किए गए, जिनमें से 26 लाख 17 हजार 215 दीपों के लगातार जलने का नया विश्व रिकॉर्ड बना।
गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड टीम ने गणना पूरी करने के बाद मंच से इस उपलब्धि की घोषणा की और प्रमाणपत्र मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सौंपा। मंच पर मुख्यमंत्री के साथ प्रदेश सरकार के मंत्री, संत, धर्माचार्य और पोलैंड से आए विदेशी मेहमान मौजूद रहे।
जयश्रीराम के उद्घोष से गूंजी राम की पैड़ी, टूटा पिछला रिकॉर्ड
राम की पैड़ी पर करीब 20 हजार से अधिक श्रद्धालु दीपोत्सव के साक्षी बने। जयश्रीराम के नारों से पूरा सरयू तट गूंज उठा।
पिछले वर्ष 25.12 लाख दीप जलाकर बना रिकॉर्ड इस बार 1.05 लाख दीपों की वृद्धि के साथ टूटा।
गिनीज टीम के प्रतिनिधि स्वप्निल दंगारीकर और निश्चल बरोट ने मंच से यह घोषणा की और कहा कि “अयोध्या ने फिर एक बार असंभव को संभव किया।”
रामराज्याभिषेक शोभायात्रा से हुआ दीपोत्सव का शुभारंभ
भव्य दीपोत्सव से पहले सुबह 10 बजे साकेत महाविद्यालय से श्रीराम राज्याभिषेक शोभायात्रा निकली। शोभायात्रा रामपथ से होती हुई रामकथा पार्क पहुंची, जहाँ दोपहर 2:30 बजे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने झांकी की अगवानी की।
लंका विजय के बाद जब भगवान श्रीराम सीता के साथ पुष्पक विमान रूपी हेलीकॉप्टर से सरयू तट पर उतरे, तो पूरा वातावरण “त्रेतायुग” की अनुभूति से भर उठा। रामकथा पार्क में गुरु वशिष्ठ की भूमिका में स्वयं मुख्यमंत्री योगी ने श्रीराम का राजतिलक किया, जिसके साथ पूरा तट जयकारों से गूंज उठा।
सरयू महाआरती ने भी बनाया नया विश्व रिकॉर्ड – 2158 अर्चक शामिल
दीपोत्सव के साथ ही अयोध्या ने सरयू आरती का भी नया विश्व रिकॉर्ड बनाया। पिछले साल जहां 1100 अर्चकों ने एक साथ आरती कर इतिहास रचा था, वहीं इस बार 2158 अर्चक और मातृ शक्तियों ने एक साथ आरती कर नया रिकॉर्ड बना दिया।
आरती के इस पवित्र अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, महंत शशिकांत दास, महंत जनार्दन दास सहित योगी सरकार के कई मंत्री मौजूद रहे। सीएम ने कहा – “अयोध्या न केवल आस्था की राजधानी है, बल्कि यह ‘संकल्प से सिद्धि’ का प्रतीक भी बन चुकी है।”
