बरेली : बरेली कॉलेज के भौतिक विज्ञान विभाग में तैनात सहायक प्रोफेसर पूजा मालकर को कॉलेज प्रशासन ने निलंबित कर दिया है।
प्रबंधन समिति के सचिव देव मूर्ति ने आदेश जारी करते हुए कहा कि “कॉलेज में शैक्षणिक अनुशासन सर्वोच्च है, और किसी भी प्रकार की लापरवाही या अभद्रता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।”सहायक प्रोफेसर पूजा मालकर पर आरोप है कि उन्होंने पिछले छह वर्षों (2019-2025) के दौरान कॉलेज की सिर्फ 22 परीक्षा ड्यूटी ही पूरी कीं और कई मौकों पर कक्षाओं से अनुपस्थित रहीं। प्राचार्य प्रो. ओ.पी. राय ने अपनी रिपोर्ट में लिखा कि शिक्षिका ने न केवल शिक्षण कार्य में लापरवाही बरती, बल्कि कई बार दिए गए प्रशासनिक आदेशों का भी पालन नहीं किया।
निरीक्षण में अनुपस्थित, जवाब में प्राचार्य पर ही आरोप
20 सितंबर को सुबह 11:40 बजे कॉलेज प्रशासन ने भौतिक विज्ञान विभाग का अचानक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पूजा मालकर अनुपस्थित पाई गईं। इसके बाद प्राचार्य ने दो दिन के भीतर जवाब मांगा, लेकिन शिक्षिका ने स्पष्टीकरण देने के बजाय उल्टा प्राचार्य पर ही आरोप लगाते हुए पत्र भेज दिया।
“महिला स्टाफ होते हुए भी असहयोगी रवैया”
प्राचार्य की रिपोर्ट में यह भी दर्ज है कि पूजा मालकर का व्यवहार विभागीय सहयोगियों के प्रति असभ्य और असहयोगी रहा। उन्होंने कई बार शैक्षणिक कार्यों से बचने की कोशिश की और संस्थान के अनुशासन का पालन नहीं किया।
प्रबंधन समिति ने की त्वरित कार्रवाई
मामले की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद प्रबंधन समिति ने सहायक प्रोफेसर के निलंबन की संस्तुति को सही माना और तत्काल प्रभाव से सस्पेंशन ऑर्डर जारी कर दिया। सचिव देव मूर्ति ने कहा, “बरेली कॉलेज की साख अनुशासन और उत्कृष्ट शिक्षा पर टिकी है। जो भी कर्मचारी या शिक्षक इस जिम्मेदारी से मुंह मोड़ेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई तय है।”
अब बनेगी जांच समिति, होगी औपचारिक सुनवाई
निलंबन के बाद अब एक औपचारिक जांच समिति गठित की जाएगी, जो पूजा मालकर के खिलाफ लगाए गए। आरोपों की जांच करेगी। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
कॉलेज सूत्रों का दावा
कॉलेज के सूत्रों का कहना है कि यह मामला सिर्फ उपस्थिति का नहीं, बल्कि विभागीय अनुशासन और शैक्षणिक उत्तरदायित्व से जुड़ा है। कॉलेज प्रशासन लंबे समय से शिक्षिका के रवैये से असंतुष्ट था।
