फरीदपुर थाना क्षेत्र का मामला, साढ़े तीन साल बाद अदालत ने सुनाया फैसला
बरेली: प्रेम प्रसंग के चलते हुई सुनियोजित हत्या के मामले में न्यायालय ने चार आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। फैसला फरीदपुर थाना क्षेत्र के ग्राम अमरेख में हुई एक युवक की हत्या के मामले में आया है, जिसमें मृतक सुनील कुमार की हत्या प्रेम संबंध के कारण की गई थी।
प्रेम प्रसंग से शुरू हुआ विवाद
ग्राम अमरेख निवासी रामसरन ने अपने बेटे सुनील कुमार की हत्या की रिपोर्ट थाना फरीदपुर में दर्ज कराई थी। जांच में सामने आया कि सुनील का गांव की ही एक युवती एकता से प्रेम संबंध था। वर्ष 2021 में एकता की शादी ग्राम साहसा, थाना विशारतगंज निवासी सत्येंद्र से हो गई थी, लेकिन शादी के बाद भी सुनील और एकता के बीच प्रेम प्रसंग जारी रहा।
फोन पर बुलाकर की गई हत्या
21 मार्च 2022 को एकता ने सुनील को फोन कर बुलाया। आरोप है कि वहां पहले से एकता के परिजन और पति घात लगाकर बैठे थे। मौके पर पहुंचते ही उन्होंने मिलकर सुनील की हत्या कर दी। इस वारदात के बाद पुलिस ने हत्या का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
चारों अभियुक्त दोषी करार
करीब साढ़े तीन साल चली सुनवाई के बाद अपर जिला जज (एडीजे)-09 बरेली की अदालत ने चारों अभियुक्तों — सौरभ, राजकुमार, एकता और सत्येंद्र — को दोषी ठहराया। अदालत ने सभी को आजीवन कारावास और ₹10,000-₹10,000 अर्थदण्ड की सजा सुनाई।
अन्य धाराओं में भी सजा
इसके अतिरिक्त अदालत ने धारा 201 आईपीसी के तहत प्रत्येक आरोपी को 3 वर्ष का कारावास और ₹5,000 का अर्थदण्ड, तथा धारा 120बी आईपीसी के तहत आजीवन कारावास और ₹10,000 का अर्थदण्ड दिया।
अर्थदण्ड अदा न करने की स्थिति में प्रत्येक अभियुक्त को 6 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। अदालत ने कुल ₹1,00,000 जुर्माना निर्धारित किया है।
