मिर्जापुर/वाराणसी/लखनऊ : देश के जाने-माने शास्त्रीय गायक और पद्म विभूषण से सम्मानित पंडित छन्नूलाल मिश्र का गुरुवार सुबह 4:15 बजे निधन हो गया। वे 89 वर्ष के थे, और लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। गुरुवार सुबह उन्होंने मिर्जापुर में अंतिम सांस ली,अब मणिकर्णिका घाट पर अंतिम संस्कार होगा। उनकी पुत्री प्रो. नम्रता मिश्रा ने मीडिया को बताया कि पंडित जी ने मिर्जापुर के गंगादर्शन कॉलोनी स्थित अपने आवास पर अंतिम सांस ली। शाम को वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
पीएम मोदी और सीएम योगी का श्रद्धांजलि संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर लिखा “पंडित छन्नूलाल मिश्र जी भारतीय शास्त्रीय संगीत को जन-जन तक पहुँचाने और विश्व पटल पर प्रतिष्ठित करने वाले महान कलाकार थे। उनका निधन भारतीय संस्कृति की अपूरणीय क्षति है। उन्होंने याद किया कि 2014 में वाराणसी से चुनाव लड़ते समय पंडित मिश्र उनके प्रस्तावक रहे थे। वहीं, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी पंडित जी के निधन पर गहरी संवेदना व्यक्त की।
जानें जन्म और संगीत साधना

पंडित छन्नूलाल मिश्र का जन्म 3 अगस्त 1936 को आज़मगढ़ जिले के हरिहरपुर गाँव में हुआ था। उन्होंने संगीत की प्रारंभिक शिक्षा अपने पिता से प्राप्त की और आगे बनारस में उस्ताद अब्दुल गनी खां से प्रशिक्षण लिया। वे बनारस घराने की गायकी, ख्याल और पूरब अंग की ठुमरी के लिए विश्व प्रसिद्ध रहे। उनकी ठुमरी, भजन और दादरा प्रस्तुतियों ने उन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ख्याति दिलाई।
पुरस्कार और सम्मान से नवाजा
पंडित छन्नूलाल मिश्र को उनके अद्वितीय योगदान के लिए अनेक सम्मानों से नवाजा गया। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार, नौशाद सम्मान, यश भारती पुरस्कार, पद्मभूषण (2010), पद्मविभूषण (2020), संगीत नाटक अकादमी फेलोशिप, संगीत जगत में अपूरणीय क्षति, संगीत प्रेमियों और उनके अनुयायियों के लिए यह गहरा आघात है। उनकी गायकी ने जिस तरह भारतीय शास्त्रीय संगीत को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाया, वह आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बनी रहेगी।
