अयोध्या/लखनऊ : बाबरी मस्जिद-राम मंदिर विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के बाद मुस्लिम पक्ष को मिली जमीन पर अब तक मस्जिद निर्माण शुरू नहीं हो पाया है। और अब आरटीआई (RTI) के जरिए सामने आया है कि अयोध्या विकास प्राधिकरण (ADA) ने धन्नीपुर मस्जिद के लेआउट प्लान को खारिज कर दिया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट और 16 सितंबर 2025 को दायर एक RTI आवेदन के जवाब के अनुसार, मस्जिद ट्रस्ट ने आवेदन शुल्क और जांच शुल्क के तौर पर करीब 4 लाख जमा किए थे। लेकिन योजना को इसलिए मंजूरी नहीं मिली। क्योंकि, कई विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र (NoC) नहीं मिले।
विभागों से जारी नहीं की गई एनओसी
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट और एडीए के मुताबिक PWD, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, नागरिक उड्डयन, सिंचाई विभाग, राजस्व विभाग, नगर निगम, डीएम कार्यालय, अग्निशमन विभाग से अनिवार्य NOC मांगे गए थे, जो अब तक जारी नहीं हुए। अग्निशमन विभाग की मुख्य आपत्ति स्थल निरीक्षण में पाया गया कि मस्जिद और अस्पताल भवन की ऊंचाई के अनुसार पहुंच मार्ग 12 मीटर चौड़ा होना चाहिए, लेकिन मौजूदा स्थिति में सिर्फ 4 से 6 मीटर चौड़े रास्ते ही उपलब्ध हैं।
जानें मस्जिद ट्रस्ट की प्रतिक्रिया
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक इंडो-इस्लामिक कल्चरल फाउंडेशन (IICF) के सचिव अतहर हुसैन ने कहा “सुप्रीम कोर्ट ने हमें जमीन दी है, और यूपी सरकार ने भूखंड आवंटित किया है। हमें किसी विभाग की ओर से NOC या अस्वीकृति की आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई। अब RTI से स्थिति स्पष्ट हुई है। हम आगे की रणनीति बनाएंगे।”
सुप्रीम कोर्ट का आदेश (2019)
9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाया। राम जन्मभूमि स्थल पर मंदिर निर्माण का रास्ता साफ हुआ। मुस्लिम पक्ष को धन्नीपुर (सोहावल तहसील) में 5 एकड़ जमीन आवंटित की गई। 3 अगस्त 2020 को जमीन सुन्नी वक्फ बोर्ड को सौंपी गई। 23 जून 2021 को मस्जिद ट्रस्ट ने योजना स्वीकृति के लिए आवेदन दिया। मगर, अब, चार साल बीतने के बाद भी एक ईंट तक नहीं रखी गई और लेआउट प्लान खारिज हो जाने से मामला और उलझ गया है।
