बरेली : यूपी के बरेली के अलीगंज थाना क्षेत्र में जबरन धर्म परिवर्तन का सनसनीखेज मामला सामने आया है। गांव कुण्डरिया फैजुल्लापुर में दो ग्रामीणों ने पादरी ब्रज किशोर आर्य पर आरोप लगाया है कि वह उन्हें धमकी और लालच देकर ईसाई धर्म अपनाने के लिए मजबूर कर रहा था। पीड़ितों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी पादरी को हिरासत में ले लिया और उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है।
जानें क्या है मामला?
बरेली देहात के ग्राम कुण्डरिया फैजुल्लापुर निवासी हरिशंकर मौर्य और भजनलाल वर्मा ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि पादरी ब्रज किशोर आर्य पिछले आठ-नौ महीनों से उन्हें लगातार मानसिक दबाव में रख रहा था। आरोप है कि वह दोपहर और शाम को गांव में जाकर बाइबिल पढ़वाता और उन्हें अपने धर्म में शामिल करने के लिए तरह-तरह के प्रलोभन देता। कुछ समय तक दबाव में आकर ग्रामीण उसके पास गए भी, लेकिन बाद में अन्य ग्रामीणों के समझाने पर उन्होंने इसका विरोध किया और पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
पीड़ितों का बयान
हरिशंकर मौर्य ने कहा “हम पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। हमें बताया जाता कि धर्म बदलने से आर्थिक मदद मिलेगी। इससे मानसिक तनाव बढ़ गया था।” भजनलाल वर्मा ने बताया “शुरुआत में हमें लगा कि यह धार्मिक प्रचार है, लेकिन बाद में समझ आया कि यह लालच और धमकी देकर धर्म परिवर्तन का प्रयास है। इसलिए हमने पुलिस से मदद ली।”
पुलिस ने यह की कार्रवाई
शिकायत मिलते ही अलीगंज थाना पुलिस ने आरोपी पादरी ब्रज किशोर आर्य को हिरासत में लिया। थाना प्रभारी ने मीडिया को बताया “मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत एफआईआर दर्ज की गई। आरोपी से पूछताछ की जा रही है और जांच जारी है। अगर कोई और व्यक्ति भी इस खेल में शामिल है तो उसके खिलाफ भी सख्त कार्रवाई की जाएगी।”गांव में इस घटना को लेकर काफी चर्चा है। लोगों का कहना है कि अगर समय रहते पुलिस ने कार्रवाई न की होती तो मामला और बड़ा हो सकता था। ग्रामीणों का मानना है कि धार्मिक विश्वास व्यक्तिगत मामला है, लेकिन लालच और धमकी देकर किसी को धर्म बदलने के लिए मजबूर करना अपराध है।
