वाशिंगटन/ नई दिल्ली : एक संघीय अपीलीय अदालत (Federal Circuit Court of Appeals) ने यह निर्णय सुनाया कि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा लागू किए गए अधिकांश ग्लोबल टैरिफ़ कानूनी अधिकारों का अतिक्रमण हैं और कानून के तहत वैध नहीं हैं। अदालत ने न्यूयॉर्क स्थित अंतर्राष्ट्रीय व्यापार न्यायालय (Court of International Trade) के मई 2025 के फैसले को बरकरार रखा।जिसमें कहा गया था कि ट्रम्प ने 1977 के अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्तियाँ अधिनियम (IEEPA) का गलत इस्तेमाल करते हुए टैरिफ़ लगाए हैं। हालाँकि, अदालत ने तत्काल प्रभाव से टैरिफ़ हटाने का आदेश नहीं दिया, बल्कि उन्हें फिलहाल लागू रखने की इजाज़त दे दी है। यह निर्णय अक्टूबर 14, 2025 तक प्रभावी रहेगा। जिस दौरान ट्रम्प प्रशासन सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सकता है।
ट्रम्प फैसले से खफा
ट्रम्प ने इस फैसले की तीखी आलोचना की, और इसे पक्षपातपूर्ण बताया। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा “ALL TARIFFS ARE STILL IN EFFECT!” और “यदि इसे लागू रहने दिया गया, तो यह देश के लिए पूर्णतः विनाशकारी होगा”। अदालत ने IEEPA अधिनियम के तहत राष्ट्रपति को इतनी व्यापक टैरिफ़ शक्ति नहीं दी। निर्णय 7–4 की संख्या में आया। इसमें अधिकांश न्यायाधीश ने ट्रम्प की शक्ति बढ़ाए जाने को अवैध ठहराया ।
सुप्रीम कोर्ट जाने की संभावना
टैरिफ़ अस्थायी रूप से लागू रहेंगे, अदालत ने रिफंड संबंधी मामलों को निचली अदालत (Court of International Trade) को वापस भेजा है।
